CM ने 25 लाख महिलाओं के खाते में डाले 25 करोड़, बोले- मिलेगी आर्थिक आजादी…

CM ने 25 लाख महिलाओं के खाते में डाले 25 करोड़, बोले- मिलेगी आर्थिक आजादी…

पटना(PATNA): मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह मिली है। 3 अक्टूबर 2025 को CM नीतीश कुमार ने 1, अणे मार्ग, पटना से योजना की बड़ी किस्त जारी की। इस मौके पर 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए 10-10 हजार रुपये की राशि डाली गई। इस तरह कुल 2500 करोड़ रुपये की धनराशि लाभार्थियों तक सीधी पहुँचाई गई।

महिलाओं को मिलेगी आर्थिक आजादी
कार्यक्रम में CM नीतीश कुमार ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों की महिलाओं को इससे आर्थिक आज़ादी मिलेगी। योजना के तहत जीविका समूह से जुड़ाव अनिवार्य है, जिससे शहरी इलाकों से ही 10 लाख से अधिक नए आवेदन प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जो महिलाएं स्वरोजगार को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएंगी, उन्हें दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद दी जाएगी।

अब तक एक करोड़ महिलाओं को लाभ
जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं के खाते में इस योजना से आर्थिक सहायता पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि योजना के लिए अब तक 1.40 करोड़ से ज्यादा महिलाओं ने आवेदन किया है। मंत्री ने इसे बिहार में महिलाओं के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

सफलता की कहानियां बनीं प्रेरणा
सभा के दौरान मंत्री ने समस्तीपुर की अंजू देवी की कहानी साझा की। अंजू योजना की एक करोड़वीं लाभार्थी बनी हैं। उन्होंने कहा कि जीविका समूह से जुड़ने के कारण ही वे और हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकीं।

इसी तरह, पति की कैंसर से मौत के बाद सिलाई-कढ़ाई का काम शुरू करने वाली पूनम कंवर अब ब्यूटी पार्लर खोलने का सपना देख रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दी गई सहायता उनके बच्चों का भविष्य संवारने में मददगार होगी।

अरवल की उमा रानी ने भी अपनी कहानी साझा की। वे 2021 से बागवानी और कृषि कार्य से जुड़ी हैं। योजना से मिली आर्थिक सहायता से वे अपने काम का विस्तार करने की योजना बना रही हैं। उमा कहती हैं – “अब मैं अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ पाऊंगी।”

राज्य के लिए मिसाल बनी योजना
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेशन और महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का एक व्यापक प्रयास है। उन्होंने कहा कि बिहार की यह पहल अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बन रही है।

NEWSANP के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

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