अमेठी का ‘ढोंगी साधु’ गिरोह गिरफ्तार, महिला यात्री की मौत के बाद आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई
धनबाद/कोडरमा: पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल अंतर्गत अपराध आसूचना शाखा (CIB) ने चंबल एक्सप्रेस में हुई नशाखुरानी की गंभीर घटना का सफल उद्भेदन करते हुए सात अंतर्राज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह साधु का वेश धारण कर यात्रियों को अपना शिकार बनाता था। घटना बीते 10-11 मार्च की है, जब गाड़ी संख्या 20975 चंबल एक्सप्रेस के जनरल कोच में धनबाद से बांदा जा रही शिवानी नामक महिला को अज्ञात अपराधियों ने प्रसाद के नाम पर नशीला लड्डू खिला दिया था। महिला के बेहोश होने पर अपराधी उसके पास मौजूद नगदी और चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए थे। दुर्भाग्यवश, पीड़िता ने इलाज के दौरान 15 मार्च को बांदा जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस मामले में कोडरमा जीआरपी में कांड संख्या 11/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, धनबाद के निर्देश पर सीआईबी प्रभारी अरबिन्द कुमार राम के नेतृत्व में एक विशेष टास्क टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान टीम ने धनबाद, आसनसोल, बर्धवान, डीडीयू, बनारस और लखनऊ तक के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि सात संदिग्धों का एक गिरोह आसनसोल के पास काली पहाड़ी से ट्रेन में चढ़ा था और घटना को अंजाम देने के बाद बनारस होते हुए सुल्तानपुर और निहालगढ़ की ओर भाग गया था। टीम ने तकनीकी और सॉफ्ट स्किल का इस्तेमाल करते हुए सुराग जुटाया कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले का रहने वाला है और ‘मांगता’ जाति से संबंध रखता है, जो वेश बदलकर ठगी और लूट की घटनाओं को अंजाम देता है।
टास्क टीम ने कड़ी मशक्कत और लोकेशन ट्रैकिंग के बाद पाया कि अपराधी वापस पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित काली पहाड़ी के पास तंबू लगाकर छिपे हुए हैं। टीम द्वारा लगातार रेकी करने के बाद 31 मार्च 2026 को आसनसोल-गया पैसेंजर ट्रेन में पीछा करते हुए सभी सात अभियुक्तों—धूमी, रज्जाक जोगी, राजू, पहाड़ी, कृपाल, सुनील और मूला उर्फ रामचंद्र—को कोडरमा में गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से भारी मात्रा में नशीली दवा (अल्प्रज़ोलम टेबलेट), लूट के नगद ₹5050, चार मोबाइल फोन और साधु के वेश में इस्तेमाल होने वाले सामान जैसे कमंडल, रुद्राक्ष माला, भगवा वस्त्र और मोर पंख बरामद किए गए हैं। इस सफल कार्रवाई में धनबाद सीआईबी के साथ-साथ कोडरमा जीआरपी, आसनसोल सीआईबी और निहालगढ़ आरपीएफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

