
चंदनकियारी(BOKARO): जम्मू-कश्मीर के दुर्गम इलाकों में देश की सेवा करते हुए बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत भोजूडीह दामोदरपुर गांव निवासी सीआरपीएफ जवान मिलन सिंह राजपूत ने शुक्रवार तड़के ड्यूटी के दौरान हुए एक दुर्घटनात्मक हादसे में गंभीर रूप से घायल होकर अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने अपने देश की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की है।
जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे हुई, जब मिलन सिंह जम्मू-कश्मीर में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। हादसे के बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार ने उनके परिवार, गांव और पूरे इलाके में गहरा शोक और मातम का माहौल पैदा कर दिया है।
मिलन सिंह की मौत की खबर सुनते ही उनके घर में कोहराम मच गया। परिजन रो-रोकर बुरी तरह टूट गए हैं। बूढ़े-बच्चे, महिलाएं और युवा सभी उनके असमय निधन से स्तब्ध हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि मिलन सिंह बचपन से ही बहादुरी और देशभक्ति की मिसाल थे। वह हमेशा देश की सेवा के लिए समर्पित रहे और अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
भोजूडीह गांव सहित आसपास के सभी गांवों में मिलन सिंह की शहादत की खबर आग की तरह फैल गई। स्थानीय लोग शोक प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। स्कूल, पंचायत कार्यालय और बाजारों में उनकी याद में मौन धारण किया गया। लोगों का कहना है कि देश को ऐसे बहादुर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने अपनी जान न्योछावर कर देश की सीमा की सुरक्षा की।
चंदनकियारी के विधायक उमाकांत रजक ने भी अपने फेसबुक पेज पर इस दुःखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मिलन सिंह ने अपने जीवन की सर्वोच्च भूमिका निभाई है और उनकी शहादत हमेशा याद रखी जाएगी। विधायक ने कहा कि सरकार परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करेगी और शहीद के सम्मान में उचित सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
मिलन सिंह की शहादत देश के उन अनगिनत जवानों में एक और नाम जोड़ गई है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की। उनकी बहादुरी न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
देश की सीमा पर शहीद हुए जवानों की इस सूची में मिलन सिंह का नाम गर्व से लिखा जाएगा। उनकी शहादत को सलाम करते हुए, पूरा बोकारो जिला उनके परिवार के साथ खड़ा है। हम सभी को उनके बलिदान को याद रखना चाहिए और उनके जैसे बहादुरों के सम्मान में कृतज्ञ रहना चाहिए।
NEWSANP के लिए बोकारो से ब्यूरो रिपोर्ट

