BCCL:केंदुआडीह राजपूत बस्ती के भूधंसान क्षेत्र में निकलने वाले ज़हरीली गैस और उसके समाधान पर DGMS विशेषज्ञ की ख़ास राय… पढ़िए विशेष रिपोर्ट…

BCCL:केंदुआडीह राजपूत बस्ती के भूधंसान क्षेत्र में निकलने वाले ज़हरीली गैस और उसके समाधान पर DGMS विशेषज्ञ की ख़ास राय… पढ़िए विशेष रिपोर्ट…

धनबाद(DHANBAD): 3-4 दिसंबर 2025 को Kenduadih इलाके के बंद कोयला खदान (underground/abandoned coal mine) से कथित “टॉक्सिक गैस” रिसाव हुआ।ffected इलाकों में Rajput Basti, Masjid Mohalla, “Officer Colony” व अन्य आस-पास की बस्तियाँ शामिल हैं।

इस गैस रिसाव के बाद कई लोग अचानक बीमार हुए — साँस लेने में दिक्कत, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, आंखों में जलन, सांस फूलना जैसी शिकायतें थीं।
• दुखद रूप से, दो महिलाओं की मौत हो गई: एक का नाम बताया गया है Priyanka Devi और दूसरी Lalita Devi।
• घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और BCCL द्वारा तत्काल रूप से प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित ठिकानों (temporary camps / relief camps) में स्थानांतरित करना शुरू किया गया है।

ख़ान सुरक्षा महांनिदेशालय के अधीक्षक अजय श्रीवास्तव के हवाले से जानिए क्या है संभावित खतरा और इसके स्थाई समाधान..

एक विशेषज्ञ टीम ने हवा में गैस (जो की संभावना है कि Carbon monoxide — CO हो) का स्तर मापा — और पाया कि CO का स्तर “बहुत खतरनाक” है। प्रभावित जगहों पर CO की मात्रा लगभग 1,500 PPM तक दर्ज की गई है। जो कि सामान्य सुरक्षित स्तर से कई गुना अधिक है।

खतरा — यह गैस और रिसाव क्यों खतरनाक है..
• Carbon monoxide (CO) रंगहीन, गंधहीन और जहरीली गैस होती है। अगर यह साँस के माध्यम से शरीर में जाती है, तो यह रक्त में ऑक्सीजन पहुंचने से रोक सकती है — जिससे घबराहट, साँस फूलना, चक्कर, बेहोशी या मौत तक हो सकती है। (यह सामान्य वैज्ञानिक जानकारी है; स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स भी इसी बात की ओर इशारा करते हैं)।
• विशेषज्ञों ने बताया है कि जब CO का स्तर 200 PPM तक होता है — तो सिरदर्द जैसा असर हो सकता है; 800 PPM या उससे ऊपर पर चक्कर, साँस फूलना, बेहोशी आदि हो सकते हैं।
• यहां 1,500 PPM पाया गया — जो कि इंसान के लिए बेहद खतरनाक है। कई लोग उल्टी, साँस फूलना, आँखों में जलन आदि समस्याओं के साथ अस्पताल पहुँचे; दो लोगों की मौत हुई।

अगर गैस रिसाव को समय पर नियंत्रित न किया गया — या और जोखिम (जैसे कि underground fire, और दूसरी गैसें, रिसाव की दर बढ़ना आदि) रहा — तो आस-पड़ोस की बस्तियाँ, लोगों का स्वास्थ्य, और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो सकते हैं। अर्थात्, यह सिर्फ एक मकान या गली की समस्या नहीं है; ज़िले, शहर या आसपास के इलाके के लिए स्थायी खतरा है।

यह रिसाव क्यों हुआ — संभावित वजहें

अभी तक पूरी जांच जारी है; मगर शुरुआती सूचना व विशेषज्ञों की कहनी के आधार पर — ये कारण सामने आए हैं:

यह रिसाव एक बंद (abandonned / बंद) कोयला खदान से हुआ है। खदान के बंद होने के बाद भी, जमीन के नीचे कोयले व खाली खानों में गैस बनती रहती है। वहाँ से गैस को रोकने के पर्याप्त प्रबंध (seal, गैस निकासी, वेंटिलेशन आदि) नहीं किए गए होंगे।

• पिछले कई सालों से विशेषज्ञों और BCCL ने यह इलाका “danger-zone” (असुरक्षित क्षेत्र) घोषित किया हुआ था, क्योंकि वहाँ underground fire (भूमिगत आग) या गैस रिसाव का खतरा बताया गया था। मगर वहाँ रहने वाले लोगों को उचित पुनर्वास (relocation / housing) नहीं दिया गया।

• संभव है कि जमीन में दरार, पुराने खानों की अनदेखी, वेंटिलेशन न होना, भूगर्भीय गतिविधियाँ आदि कारणों से गैस ऊपर फैलती रही — और जब रिसाव हुआ, तो हवा में तेजी से फैली।

इसी वजह से affected बस्तियाँ लंबे समय से खतरनाक घोषित थीं — मगर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई — और आज यह हादसा हुआ। 

अब क्या हो रहा है — प्रशासन व BCCL की कार्रवाई
• डिप्टी कमिश्नर (DC) उपायुक्त धनबाद ने एक जांच कमिटी बनाई है, जिसमें खदान सुरक्षा, गैस रिसाव की वजह, जिम्मेदारी तय करना शामिल है।

प्रभावित क्षेत्रों को “high-risk / danger zone” घोषित कर दिया गया है। वहाँ रहने वालों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर (relief camps / temporary shelters) स्थानांतरित किया जा रहा है।

• BCCL और स्थानीय प्रशासन द्वारा गहरी जांच, गैस का स्रोत पता लगाने, रिसाव बंद करने की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। gás detectors, safety teams, emergency ambulances आदि तैनात किये गए हैं।

• प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता दी जा रही है, राहत शिविर बनाए गए हैं; साथ ही लोगों से बस्ती खाली करने का आग्रह किया जा रहा है।

आगे क्या किया जाना चाहिए — रोकथाम और बचाव के उपाय

अगर आप या आपके जानने वाले उस इलाके में रहते हैं, या रिश्तेदार/मित्र वहाँ हैं, तो निम्न सावधानियाँ और मांग करना महत्वपूर्ण है:
1. तत्काल Relocation / Evacuation — अगर प्रशासन या BCCL कहे कि यह इलाका “danger zone” है, तुरंत बस्ती छोड़ दें। पुरानी खानों वाले इलाकों में रहने से खतरा हा हमेशा बना रहता है।
2. Medical Check-up — यदि साँस फूलना, चक्कर, उल्टी, आँखों में जलन, साँस की दिक्कत आदि लक्षण हो रहे हों, तुरन्त नजदीकी अस्पताल जाएँ। CO गैस exposure बहुत खतरनाक होती है।
3. सार्वजनिक दबाव बनाएँ — लोकल प्रशासन, BCCL, राज्य सरकार से कहें कि बचाव-relocation में देरी न हो; स्थायी आवास एवं पुनर्वास की उचित व्यवस्था हो।
4. सुरक्षा एवं निगरानी बढ़ाएँ — खाली, बंद या पुराने कोयला खानों के आसपास वेंटिलेशन, गैस डिटेक्टर, सीलिंग आदि सुनिश्चित करें; समय-समय पर भू-गर्भीय निरीक्षण हो।
5. जानकारी फैलाएँ — आस-पास के लोग, मित्र, रिश्तेदारों को जागरूक करें कि कोयला खदानों से जुड़ी बस्तियों में खतरा है — और रिसाव के समय क्या सावधानी होनी चाहिए।

निष्कर्ष: पुरे धनबाद के लिए अहम चेतावनी

आपका डर — कि “गैस हवा में फैलकर पूरे धनबाद के वातावरण को दूषित कर देगी” — पूर्णत: सही और जायज़ है। अभी जो रिसाव हुआ है, वह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि वर्षों से उपेक्षित कोयला खानों एवं उनकी सुरक्षा की कमी का परिणाम है। यदि समय रहते पूरी तरह बंद/सुरक्षित न किया गया — और लोगों को पुनर्वास न दिया गया — तो अगली बड़ी दुर्घटना होना तय है।

इसलिए — न सिर्फ प्रभावित बस्तियों के लोगों को, बल्कि पूरे धनबाद समुदाय को जागरूक रहना होगा, दबाव बनाना होगा, और मिलकर मांगे कि कोयला खानों की रक्षा, हवा और पर्यावरण की सुरक्षा, और मानव जीवन की रक्षा सुनिश्चित हो…

NEWS ANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट…

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