Bharat Tiwari Encounter Update: शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में युवा भरत तिवारी की मृत्यु के बाद न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन से जुड़े ग्रामीणों और युवाओं पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग उठी है। इस संबंध में बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र भेजकर सभी प्राथमिकी और मुकदमों को अविलंब वापस लेने का आग्रह किया गया है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई का विरोध
पत्र में कहा गया है कि भरत तिवारी की मृत्यु के विरोध में ग्रामीणों और युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर न्याय की मांग उठाई थी। ऐसे में प्रदर्शन में शामिल लोगों पर दर्ज मुकदमे जनभावनाओं के अनुरूप नहीं हैं। मांग की गई है कि न्याय की मांग करने वाले निर्दोष लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
मामले को लेकर संबंधित पक्ष ने बिलौटी गांव प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है। पत्र में कहा गया है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए ताकि घटना से जुड़े तथ्यों का निष्पक्ष रूप से पता लगाया जा सके।

दोषियों पर कार्रवाई, ग्रामीणों को राहत देने की मांग
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही न्याय की मांग कर रहे ग्रामीणों एवं युवाओं पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की मांग दोहराई गई है।
न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का दावा
मांग करने वालों का कहना है कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना और न्याय की मांग करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आगे भी विभिन्न स्तरों पर प्रयास जारी रहेंगे। गौरतलब है कि बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मृत्यु के बाद क्षेत्र में न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसके बाद कुछ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने का मामला चर्चा में है।

