टी20 वर्ल्ड कप 2026 समाप्त हुए तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन बांग्लादेश की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चा अभी भी जारी है। इस बीच बांग्लादेश के कप्तान Litton Das ने पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने दावा किया कि टीम का टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेने का फैसला खिलाड़ियों की इच्छा के अनुरूप नहीं था।
एक इंटरव्यू में लिटन दास ने कहा कि खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच कई बैठकें हुई थीं, लेकिन ऐसा महसूस होता था कि अंतिम निर्णय पहले ही लिया जा चुका था। उन्होंने संकेत दिया कि खिलाड़ियों की राय सुनी जरूर गई, मगर उसे निर्णायक महत्व नहीं मिला।
सुरक्षा चिंताओं पर उठाए सवाल
लिटन दास ने भारत में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि बांग्लादेशी खिलाड़ी पहले भी पाकिस्तान जैसे देशों का दौरा कर चुके हैं, जहां सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम होते हैं। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने कभी खेलने से परहेज नहीं किया।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की प्राथमिकता हमेशा क्रिकेट खेलना और बड़े टूर्नामेंटों में देश का प्रतिनिधित्व करना रही है। ऐसे में भारत में खेलने को लेकर जताई गई सुरक्षा चिंताएं उन्हें पूरी तरह समझ नहीं आईं।
‘अधिकांश खिलाड़ी खेलने के पक्ष में थे’
बांग्लादेश के कप्तान के अनुसार, खिलाड़ियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई थी, लेकिन टीम के अधिकांश सदस्य वर्ल्ड कप में भाग लेने के इच्छुक थे। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में यह धारणा बनाई गई कि खिलाड़ी स्वयं टूर्नामेंट में नहीं जाना चाहते थे, जबकि वास्तविक स्थिति अलग थी।
लिटन ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार लोगों के बयान इस बात पर निर्भर करते हैं कि वे सत्ता में हैं या नहीं। उनके इस बयान को पूरे विवाद पर एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
स्कॉटलैंड को मिला था मौका
गौरतलब है कि ICC Men’s T20 World Cup 2026 की मेज़बानी India और Sri Lanka ने संयुक्त रूप से की थी। बांग्लादेश क्रिकेट प्रशासन द्वारा सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिए जाने के बाद टीम ने टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था। इसके बाद उनकी जगह Scotland national cricket team को अवसर मिला।
चर्चा में बना हुआ है फैसला
लिटन दास के ताजा बयान के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों की राय को कितना महत्व दिया जाना चाहिए। क्रिकेट जगत में अब भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग मत देखने को मिल रहे हैं, जबकि बांग्लादेश के कई प्रशंसक मानते हैं कि टीम को वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना चाहिए था।

