राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त की राजनीति करना चाहती है भाजपा…………….
प्रदेश अध्यक्ष से व्यक्तिगत विवाद से किया इनकार…………..
भाषा नियमावली में सभी भाषाओं को सम्मान देने की उठाई मांग……………….
धनबाद(DHANBAD): धनबाद पहुंचे झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन और भाषा विवाद जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसी भी व्यक्तिगत विवाद से इनकार करते हुए कहा कि उनके मतभेद केवल पार्टी की नीतियों को लेकर हैं। वहीं झारखंड में चल रहे भाषा विवाद पर उन्होंने कहा कि यह विवाद नहीं बल्कि एक चूक है, जिसे सुधारने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च स्तरीय समिति गठित की है। उन्होंने सभी क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मान देने और नियमावली में आवश्यक संशोधन की मांग की।
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। इसी बीच धनबाद पहुंचे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है, इसके बावजूद उम्मीदवार उतारने की तैयारी यह संकेत देती है कि वह विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति करना चाहती है।
मंत्री ने दावा किया कि महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है, जिसमें झामुमो, कांग्रेस, राजद और वाम दल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की जरूरत होती है और महागठबंधन की स्थिति पूरी तरह मजबूत है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और उनके बीच कथित खींचतान के सवाल पर भी वित्त मंत्री ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनका प्रदेश अध्यक्ष के साथ कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। मतभेद केवल पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को लेकर हैं, किसी व्यक्ति विशेष को लेकर नहीं।
वहीं झारखंड में भाषा नियमावली को लेकर चल रहे विवाद पर वित्त मंत्री ने कहा कि इसे विवाद कहना उचित नहीं होगा, बल्कि इसमें कुछ चूक हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस विषय पर उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जिसकी बैठक तीन जून को प्रस्तावित है।
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि बिहार से सटे झारखंड के कई जिलों में भोजपुरी, मैथिली और अंगिका जैसी भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं। ऐसे में इन भाषाओं का भी सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय भाषाओं का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन जिन क्षेत्रों में जनजातीय भाषा बोलने वाले नहीं हैं, जहां उस भाषा में पढ़ाई नहीं होती और न ही शिक्षक उपलब्ध हैं, वहां उसे अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार से उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि नियमावली में सभी भाषाओं को समुचित स्थान दिया जाए, ताकि किसी भी वर्ग के विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।
राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर लगाए गए आरोप, कांग्रेस संगठन को लेकर सफाई और भाषा नियमावली में बदलाव की मांग के साथ वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के बयान ने झारखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब नजर तीन जून को होने वाली समिति की बैठक और राज्यसभा चुनाव की आगे की रणनीति पर टिकी है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

