कोलकाता (KOLKATA): कोलकाता में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब लोग अपनी सुबह की शुरुआत कर रहे थे और दूसरी तरफ ED की टीमें शहर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी कर रही थीं।
यह कार्रवाई किसी साधारण मामले में नहीं, बल्कि कथित एक्सटॉर्शन सिंडिकेट और ‘सोना पप्पू’ नेटवर्क की जांच को लेकर की गई।
ED की टीमों ने कोलकाता के रॉय स्ट्रीट, कस्बा, चक्रबेरिया और मुर्शिदाबाद के कांडी समेत कई जगहों पर रेड की। कारोबारी अतुल कटारिया के घर, एक होटल और कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई।
सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व DCP शांतनु सिन्हा विश्वास के घर पर हुई कार्रवाई को लेकर हो रही है। ED पहले ही उन्हें लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया और कई सवालों के सीधे जवाब देने से बचते रहे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक ‘सोना पप्पू’ नेटवर्क पर जमीन कब्जाने, जबरन वसूली और कारोबारी दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप हैं। दावा किया जा रहा है कि इस नेटवर्क का असर कई इलाकों तक फैला हुआ था।
इस पूरे मामले में व्हाट्सऐप चैट्स को सबसे अहम सबूत माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इन चैट्स में कथित लेनदेन, कारोबारी संपर्क और नेटवर्क के संचालन से जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं। यही डिजिटल सबूत अब जांच की दिशा तय कर रहे हैं।
ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इसका असली मास्टरमाइंड कौन है।
इस कार्रवाई के बाद बंगाल की राजनीति और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
अगर जांच में और बड़े नाम सामने आते हैं, तो आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल देखने को मिल सकता है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

