अपराधियों का महिमामंडन संविधान और कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती: झारखंड पुलिस एसोसिएशन…

अपराधियों का महिमामंडन संविधान और कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती: झारखंड पुलिस एसोसिएशन…

धनबाद(DHANBAD): झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर पुलिस अधिकारियों को चुनौती देने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि सीधे तौर पर भारतीय संविधान को चुनौती देना है। मुर्मू ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि समाज के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रभावशाली लोग राजनीतिक अवसरवाद के कारण इन वीडियो को लाइक और शेयर कर रहे हैं। उनके अनुसार, जाने-अनजाने में अपराधियों को नायक के रूप में पेश करना समाज में यह गलत संदेश देता है कि कानून से बड़ा बाहुबल है। इससे न केवल पुलिस बल का मनोबल गिरता है, बल्कि राज्य की संप्रभुता का भी अपमान होता है।

एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी पदाधिकारी या कर्मी के खिलाफ विधि विरुद्ध कार्य की शिकायत है, तो वे स्वतंत्र रूप से मुख्यमंत्री से इसकी जांच और कार्रवाई की मांग करें। इसके लिए किसी कुख्यात अपराधी के वीडियो का सहारा लेना उचित नहीं है। राहुल कुमार मुर्मू ने सचेत किया कि जब माननीय व्यक्ति ऐसे वीडियो साझा करते हैं, तो वे समाज में अपराधियों द्वारा फैलाए जा रहे भय के ‘वितरक’ बन जाते हैं। इससे आम नागरिक पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता और युवा पीढ़ी अपराध को ग्लैमर मानकर गैंगस्टर बनने की ओर आकर्षित होने लगती है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए भविष्य में अत्यंत घातक सिद्ध होगा।

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पुलिस का साइबर विंग न केवल वीडियो बनाने वाले अपराधियों पर, बल्कि उन प्रभावशाली लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई करे जो ऐसी सामग्री को वायरल करने में उत्प्रेरक का काम करते हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी राज्य की शक्ति का प्रतीक हैं और उनकी गरिमा की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है। समाज में शांति और भयमुक्त वातावरण बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का इकबाल और कानून का खौफ अपराधियों के साथ-साथ उनके संरक्षकों को भी महसूस होना चाहिए।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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