झारखण्ड कांग्रेस में सबकुछ ठीक है? पढ़िए बेरमो विधायक अनूप सिंह ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर क्या पोस्ट किया है …

झारखण्ड कांग्रेस में सबकुछ ठीक है? पढ़िए बेरमो विधायक अनूप सिंह ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर क्या पोस्ट किया है …

शिवपूजन सिंह /वरिष्ठ पत्रकार

रांची(RANCHI):सियासत में शांति की कल्पना उस समंदर की लहरों की तरह बेमानी है, जो कभी शांत नहीं होती. इसकी हलचले और हिलोरे हर वक्त होते रहती है. क्योंकि यही इसकी तासीर और तमाशा है.
अभी -अभी झारखण्ड कांग्रेस में एक़ तूफान और एक़ घमासान से गहमा -गहमी और सरगर्मियां पाँव पासरतें ही जा रही है. उठते सवाल का हिसाब और जवाब की तलाश सबों क़ो है.
झारखण्ड कांग्रेस के अंदरुनी कलह अब आहिस्ते -आहिस्ते खुलकर सतह पर आ गई है. यहां अब खांटी और ख़ालिस कौन इसकी परीक्षा की घड़ी है.

अभी -अभी वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का झारखण्ड प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के खिलाफ मोर्चा खोलना और अपनी भावे तानना एक़ अंदुरनी किच किच क़ो उजागर कर दिया है. उन्होंने झारखण्ड कांग्रेस प्रभारी के राजू क़ो पत्र लिखकर कहा कि “एक़ क़ो साधिए, झारखण्ड कांग्रेस में सब साध जायेगा ” उनका इशारा केशव महतो कमलेश क़ो हटाने क़ो लेकर था.उन्होंने ये कहा कि प्रदेश पार्टी नेतृत्व साफ और सार्वजनिक करें कि पार्टी संगठन के लिए कांग्रेस नेताओं के परिवार क़ो संगठन में कितना स्थान दिया गया है? अभी यह पूरा मामला प्रदेश प्रभारी तक रुका हुआ है.आगे 20 मई क़ो झारखण्ड कांग्रेस पोलटिकल अफेयर्स कमिटी की बैठक होंगी. इसमें ही इन आरोपों की चर्चा होंगी और अंतिम निर्णय लिया जायेगा.

इधर बेरमो से कांग्रेस विधायक अनूप सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये इशारो ही इशारों में कौन असली और कौन नकली कांग्रेसी है, इसपर अपने विचार रख दिए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि “कोई कांग्रेस पार्टी के अंदर है और किसी के अंदर कांग्रेस पार्टी है.इसीलिए हमेशा कहता हूं कांग्रेस में होना और कांग्रेसी होना दोनों में बहुत अंतर है “

उनकी लिखी बातों से साफ झलकता है कि वित्त मंत्री राधाकृष्णकृष्ण किशोर कांग्रेस में अभी आये है जबकि केशव महतो कमलेश का कांग्रेस से शुरू से जुड़ाव रहा है. मालूम हो कि राधाकृष्ण किशोर कई दलों में पहले भी रह चुके है, कांग्रेस से पहले भाजपा, राजद और आजसू तक में रहें है यानि दल -बदल उनकी राजनीति का एक़ पहलु और फितरत रह चुका है. इसलिए खांटी और ख़ालिस कांग्रेसी तो नहीं है, जबकि उनका (अनूप सिंह )और केशव महतो कमलेश कांग्रेस में शुरू से जुड़े है. इसीलिए ज्यादा ज्ञान और नसीहत देना सही नहीं है. मालूम हो कि अनूप सिंह और उनके दिवंगत पिता और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह शुरू से ही कांग्रेस में रहें है और कांग्रेस पार्टी में एक़ ओहदा और रसुख एक़ ज़माने से रहा है. उधर निवर्तमान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर 2024 नवंबर में कांग्रेस में आये थे. जहां मौका, वहां चौका वाली सियासत उनके साथ चलते रही है.

उधर हकीकत की जमीन पर उतरे और नाप तौल करें तो इस लड़ाई से कांग्रेस की सेहत पर ही बुरा असर पड़ेगा.
बेशक केशव महतो कमलेश के ऊपर आग बबूला राधाकृष्ण किशोर है. लेकिन उन्हें समझने की जरुरत यह है कि उनकी इस आलोचना और उखड़ने से झारखण्ड कांग्रेस का बंटाधार होगा. क्योंकि कांग्रेस की खींचतान पहले ही सत्ता में साथ झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से चल रही है. अंदर -अंदर तनाव की रस्सी खींची ही चली ज रही है, जो कही ज्यादा जोर आजमाइश पर टूट न जाए.इसके साथ ही अलाकमान राहुल गाँधी के पास ये बात जाएगी तो उन्हें भी ये बात नगावार गुजरेगी. उधर दूसरी तरफ उनकी इस घर की लड़ाई का फायदा भाजपा न उठा ले और इस मुद्दे क़ो उठाकर फ़जीहत न कर दें.इसलिए घर में लगी आग क़ो भड़काने से अच्छा इसे बुझाना सबसे बेहतर उपाय है, क्योंकि घर जलने के बाद इसे बनाना मुश्किल होता है.

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