धनबाद(DHANBAD ): सबलपुर स्थित ओल्ड ऐज होम में सोमवार को एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। जहां अक्सर बुजुर्ग माता-पिता को आश्रम में छोड़ दिया जाता है, वहीं एक बेटे और बेटी ने अपनी मां को वापस घर ले जाकर समाज के सामने इंसानियत और पारिवारिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।
सबलपुर ओल्ड ऐज होम में रह रही मैमुन खातून को उनके बेटे और बेटी सम्मानपूर्वक घर ले जाने पहुंचे। इस दृश्य को देखकर आश्रम में मौजूद अन्य बुजुर्ग भावुक हो गए। कई बुजुर्गों ने कहा कि काश उनके बच्चे भी उन्हें इसी तरह वापस अपने घर ले जाते।
आश्रम के अध्यक्ष नौशाद गद्दी ने मैमुन खातून और उनके परिजनों का सोल ओढ़ाकर एवं गुलाब फूल देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह दूसरा अवसर है जब उन्होंने किसी बेटे को अपनी मां को आश्रम से वापस घर ले जाते देखा है। उन्होंने कहा, “आज बहुत खुशी का दिन है। अक्सर लोग अपने माता-पिता को यहां छोड़ जाते हैं, लेकिन आज एक बेटा अपनी मां को घर ले जाने आया है। यह समाज के लिए प्रेरणा है।
मौके पर मौजूद झरिया थाना के एएसआई जितेंद्र कुमार ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा है, जो समाज को सकारात्मक संदेश देता है और रिश्तों की अहमियत को याद दिलाता है।
इस भावुक पल ने न केवल आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के दिलों को छुआ, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान ही सच्ची इंसानियत की पहचान है।
इस अवसर पर आश्रम के सह सचिव सुरेंद्र यादव, बाबू सोरेन, सोनी जी, श्यामल दास सहित कई लोग मौजूद रहे।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

