34 वें राष्ट्रीय खेल में हुए लूट की इबारत देखिए..धनबाद का मैथन स्पोर्ट्स हॉस्टल का खंडहर बना गवाह..खिड़की दरवाजे भी चोर लें गए…CBI व ACB अब तक दोषियों को नहीं दिला पाई सज़ा..

धनबाद(DHANBAD): झारखण्ड में 34 वें राष्ट्रीय खेल के दौरान तीन करोड रुपए की लागत से धनबाद के निरसा ..मैथन डैम गोगना स्थित स्पोस्ट् हॉस्टल बनाया गया है ..

13 साल पहले 2011में करोड़ों रुपए में वॉटर स्पोर्ट्स गेम के लिए नौकायन क्याकिंग और डिजिटल स्कोर बोर्ड सहित अन्य खेलों के लिए सामान खरीदे गऐ थे,

लेकिन विकसित आधारभूत संरचना के नाम पर निरसा में अब केवल इमारत और कचरा बच गया है..यकीं नहीं हो तो पहले मैथन डैम के तट पर 66 कमरों का इस स्पोर्ट्स हॉस्टल को देख लीजिए..आज स्पोस्ट्स हॉस्टल महज सफेद हाथी बन कर रह गया है।

सुरक्षा के अभाव में हॉस्टल के कमरों के दरवाजे ,लोहे के डिजाइनिंग ग्रिल और खिड़कियां चोर उचक्के ले भागे है.. इसी तरह कैनोइंग व रोइंग वॉटर स्पोर्ट्स ,डिजिटल स्क्रीन बोर्ड, चेंजिंग रूम, प्लेटफार्म समेत स्पेशल वोट खत्म हो चुके हैं ..स्पोस्ट्स हॉस्टल के कमरे की खिड़कियां दरवाजा कुछ नहीं बचा हुआ है .. शौचालय में पैन भी टूटे पड़े हैं हॉस्टल के पीछे से लोहे की ग्रिल चुरा ली गई है हॉस्टल से सोफा, कुर्सी, टीवी भी चोरी हो गई है 34 वें राष्ट्रीय खेल के डेढ़ साल बाद स्पोर्ट्स हॉस्टल में एक साजिश के तहत आग लग गई थी ..आग में घोटाले के राज जलाएं गए..

उस आग में दर्जनों वाटर वोट जलकर खाक हो गई थी.. अब कुछ ही नाव बचे हुए हैं, ..वह भी राष्ट्रीय खेल के बाद मैथन डैम में कभी वॉटर स्पोर्ट्स नहीं होने से रख रखाव के अभाव में वो बर्बाद हो रहें है..

अभी भी आप यहां आएंगे तो देखेंगे कि 34 में राष्ट्रीय खेल के लिए खरीदे गए सभी सामान स्पोस्ट्स हॉस्टल परिसर में फेंके पड़े हुए मिलेंगे.. धूप में रखे रखे बोट टूट रहे हैं ..इन नावों को देखने वाला कोई नहीं है इस तरह का स्पोर्ट्स हॉस्टल का रख रखाव भी भगवान भरोसे है…

दिन में सुरक्षा के लिए दो गार्ड नियुक्त है परंतु रात में कोई नहीं रहता इससे बचे हुए सामान की चोरी की आशंका बनी हुई है।

अब एक नजर मैथन डैम किनारे प्लेटफार्म, चेंजिंग रूम, डिजिटल स्क्रीन पर डालिए.. आज सब के सब खराब पड़े हैं और कुछ सामानों की चोरी भी हो गई है।

इसमें सरकार की उदासीनता कहें तो गलत नहीं हो सकता है सरकार चाहती तो करोड़ो की स्पोस्ट्स हॉस्टल को पर्यटक स्थल के रूप में उपयोग कर सकती थी परंतु ऐसा नहीं हुआ अगर इस स्पोस्ट्स हॉस्टल को लॉज में तब्दील की जाती तो निश्चित रूप से मैथन डैम पर्यटक स्थल होने के कारण सरकार को राजस्व मिलता और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलता। परंतु सरकार की उदासीनता के कारण करोड़ों के बने स्पोस्ट्स हॉस्टल आज खंडहर में तब्दील हो रहे हैं..इधर झारखंड में हुए 34वें राष्ट्रीय खेल में हुए घोटाले की जांच सीबीआई और झारखंड की एसीबी कर रहीं है कई आरोपियों पर केस दर्ज हुई ,कुछ पदाधिकारी की गिरफ्तारी हुई ,आरोपित किए गए,..मगर दुर्भाग्य से अभी तक जनता के पैसे का घोटाला करने वालों का बाल भी बांका नहीं हुआ है और ना ही जनता के लूटे गए पैसे की भरपाई हुई है..अब तो मैथन स्पोर्ट्स हॉस्टल और पानी का खेल दोनो इतिहास में दफ़न होने के स्थिति में पहुंच गया है..अर्जुन मुंडा सरकार ,रघुवर सरकार से लेकर हेमंत सोरेन सरकार में भी घोटालेबाजों पर अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई और ना ही इस हॉस्टल का भाग्य उदय हुआ..

NEWS ANP के लिए निरसा से संतोष साव और नितेश के साथ अंजली चक्रवर्ती की रिपोर्ट…

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