झरिया में बिजली संकट: एक तरफ समाधान की कवायद..दूसरी तरफ DVC का बड़ापावर_कट….

झरिया में बिजली संकट: एक तरफ समाधान की कवायद..दूसरी तरफ DVC का बड़ापावर_कट….

झरिया(DHANBAD): कोयलांचल की भीषण गर्मी के बीच झरिया की जनता बिजली की किल्लत से जूझ रही है। एक ओर जहाँ जनप्रतिनिधि व्यवस्था सुधारने के लिए अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग की ओर से लंबे पावर कट की सूचना ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।झरिया विधायक रागिनी सिंह ने अधिकारियों को लगाई फटकार, सुधार का मिला आश्वासन

बढ़ती बिजली समस्या को लेकर मंगलवार को झरिया विधायक रागिनी सिंह और धनबाद के पूर्व मेयर संजीव सिंह ने अपने धनबाद स्थित ‘सिंह मेंशन’ आवास पर विभाग के आला अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में झरिया के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर मुख्य रूप से उपस्थित थे।
विधायक ने अधिकारियों से दो-टूक कहा कि गर्मी के इस मौसम में जनता को निर्बाध बिजली मिलनी चाहिए। अधिकारियों ने अपनी ओर से आश्वासन दिया कि स्थानीय स्तर पर तकनीकी कमियों को जल्द दूर कर विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी।

उच्च स्तर पर भी हुई चर्चा

सिर्फ स्थानीय इंजीनियर ही नहीं, विधायक रागिनी सिंह ने बिजली विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, विभागीय जीएम और झारखंड सरकार के ऊर्जा सचिव से भी फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
सब-स्टेशन की क्षमता वृद्धि
हाई टेंशन (HT) पावर सप्लाई में सुधार
RMU स्विच एवं नए ट्रांसफार्मर की उपलब्धता

जामाडोबा सब-स्टेशन से आई बुरी खबर: दो दिनों तक रहेगा संकट

एक तरफ जहाँ सुधार के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जामाडोबा पावर सब-स्टेशन के कर्मचारियों द्वारा साझा की गई सूचना ने झरिया वासियों को परेशानी में डाल दिया है। DVC (दामोदर वैली कॉर्पोरेशन) से मिले इनपुट के आधार पर व्हाट्सएप ग्रुप में दी गई जानकारी के अनुसार:

  1. 23 अप्रैल 2026: सुबह 9:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक बिजली पूरी तरह से गुल रहेगी (टोटल पावर शटडाउन)।
  2. 24 अप्रैल 2026: इस दिन भी राहत की उम्मीद कम है। सूचना के अनुसार पूरे दिन ‘फुल लोड’ नहीं मिलेगा और बिजली को ‘मिनिमम लोड’ पर चलाया जाएगा।

बहरहाल बिजली विभाग के इस कदम से झरिया के बड़े हिस्से में जलापूर्ति और दैनिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में जनता को सलाह दी गई है कि वे 23 तारीख के शटडाउन से पहले पानी का भंडारण और अन्य जरूरी इंतजाम कर लें। झरिया की बिजली समस्या अब राजनीतिक और तकनीकी पेच के बीच फंस गई है। जहाँ विधायक प्रशासन पर दबाव बना रही हैं, वहीं DVC के मेंटेनेंस कार्य ने गर्मी में जनता की परीक्षा लेने की तैयारी कर ली है।

NEWSANP के लिए कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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