सोशल मीडिया पर इन दिनों एक “अत्यधिक आपातकालीन चेतावनी” तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 19 अप्रैल से 31 मई के बीच तापमान 55 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा और सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक होगा।
लेकिन क्या यह पूरी तरह सच है?
सच यह है कि गर्मी जरूर बढ़ रही है और कई इलाकों में लू चलने की संभावना रहती है, लेकिन 70% सीधी UV किरणें पड़ने या मोबाइल फटने जैसी बातें वैज्ञानिक रूप से सही नहीं मानी जातीं। इस तरह के मैसेज अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर या बिना आधिकारिक पुष्टि के फैलाए जाते हैं।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि खतरा नहीं है। हीटवेव एक गंभीर समस्या है और सावधानी बेहद जरूरी है।
गर्मी से बचने के लिए क्या करें?
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
ज्यादा से ज्यादा पानी, ORS, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी पिएं।
हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
धूप में निकलते समय सिर ढकें और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
क्या न करें?
बिना जरूरत धूप में ज्यादा देर न रहें।
बंद गाड़ी में ज्वलनशील चीजें न छोड़ें, लेकिन “फ्यूल टैंक पूरा न भरवाएं” जैसी सलाह जरूरी नहीं है।
मोबाइल के फटने जैसी बातों पर भरोसा न करें।
अगर चक्कर, कमजोरी, तेज सिरदर्द या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें—यह हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

