कतरासगढ़(DHANBAD): डीएवी +2 उच्च विद्यालय में पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने से उपजा आक्रोश अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। मानदेय भुगतान की मांग को लेकर स्कूल परिसर में धरना दे रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं के बीच वियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा पहुंचे। उनके हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद शिक्षकों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।
शिक्षकों की पीड़ा सुनते हुए विजय कुमार झा ने उनकी मांगों को जायज ठहराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि चार महीने के लंबित मानदेय का मुद्दा वे स्वयं उच्चाधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखेंगे। प्रशासन और मौलिक अधिकारों पर प्रहार
धरना स्थल पर विजय कुमार झा ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक-शिक्षिकाओं को अपनी बात मीडिया के सामने रखने से रोका जा रहा है।
अभिव्यक्ति की आजादी को रोकना सीधे तौर पर मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
विद्यालय को बंद करने की ‘साजिश’ का अंदेशा*
वियाडा के पूर्व अध्यक्ष ने इस पूरे प्रकरण के पीछे एक गहरी साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि मानदेय न देना स्कूल को बंद करने और यहाँ के लगभग 1800 छात्रों को अन्य स्कूलों में स्थानांतरित करने की योजना का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी:
“अगर स्कूल के 1800 छात्र और उनके अभिभावक सड़क पर उतर आए, तो प्रशासन के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो जाएगा। विद्यालय को बंद करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
जनता से एकजुट होने की अपील*
विजय कुमार झा ने कतरास की जनता से आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक विद्यालय को बचाने के लिए शिक्षकों के समर्थन में आगे आएं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ शिक्षकों
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

