इंदौर(MP): कहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद इंसान सुकून की तलाश करता है, लेकिन इंदौर के एक फौजी भाई साहब को सुकून नहीं, कुछ ‘तूफानी’ करने की सूझी. देश की सरहद पर सालों तक दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले जवान को क्या पता था कि घर लौटते ही वह एक ऐसी ‘डेट’ पर जाएंगे, जहां दुश्मन गोलियों से नहीं, बल्कि हिडन कैमरे से हमला करेगा।
मामला: 10 दिन का सुकून और ‘पापड़ी’ का चक्कर
फौजी भाई को रिटायर हुए अभी मात्र 10 दिन ही बीते थे। पेंशन के पैसे और लंबी छुट्टी का जोश हाई था। इसी जोश में उन्होंने एक ऑनलाइन डेटिंग साइट खंगाली और अपने लिए एक ‘साथी’ बुक कर ली। इंदौर के एक होटल में मुलाकात हुई, ‘प्रोग्राम’ सेट हुआ, लेकिन जैसे ही क्लाइमेक्स आया, कहानी में विलेन की एंट्री हो गई।
सीन में आया ट्विस्ट: हिडन कैमरा और ब्लैकमेलिंग
मजे से निपटते ही लड़की ने अपने असली रंग दिखाए और अपने साथियों को बुला लिया। फौजी को उसकी अपनी ही ‘फिल्म’ दिखाई गई जिसे हिडन कैमरे से चुपके से शूट किया गया था। डिमांड हुई लाखों रुपयों की। लुटेरों को लगा कि फौजी अपनी इज्जत बचाने के लिए चुपचाप पैसे उगल देगा।
फौजी का ‘रिटर्न गिफ्ट’: सीधा पुलिस स्टेशन
यहाँ ब्लैकमेलर्स से एक बड़ी चूक हो गई। उन्होंने एक फौजी से पंगा लिया था। जवान ने घबराने के बजाय दिमाग चलाया और कहा, “साहब, दो दिन का टाइम दो, पैसे का जुगाड़ करता हूँ।” लुटेरे खुश थे कि शिकार फंस गया, लेकिन फौजी सीधा पुलिस कमिश्नर के पास जा पहुंचा।
“जब बॉर्डर पर नहीं डरे, तो इन छुटभैय्ये लुटेरों से क्या डरना!” शायद यही सोचकर जवान ने अपनी आपबीती पुलिस को बता दी।
भावना भार्गव गिरफ्तार, बाकी की शामत आई
पुलिस ने भी बिना देरी किए मोर्चा संभाला। अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ और कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी भावना भार्गव को पुलिस ने धर दबोचा। फिलहाल मैडम जेल की हवा खा रही हैं और उनके बाकी साथी अंडरग्राउंड हो गए हैं जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
सीख: ऑनलाइन डेटिंग या ऑनलाइन ‘हलाल’?
यह घटना उन सभी के लिए एक बड़ा सबक है जो ऑनलाइन डेटिंग के विज्ञापनों को देखकर अपनी उम्र भर की कमाई और इज्जत दांव पर लगा देते हैं। याद रखिए, हर ‘फ्रेंड रिक्वेस्ट’ दोस्ती के लिए नहीं, बल्कि कभी-कभी आपकी ‘फिल्म’ बनाने के लिए भी हो सकती है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

