धनबाद(DHANBAD): भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी के धनबाद प्रमंडलीय कार्यालय ने रिंग रोड मुआवजा घोटाले में कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
यह आरोप पत्र सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को निगरानी न्यायालय, धनबाद में समर्पित किया गया।
मामला निगरानी थाना कांड संख्या-32/16 से जुड़ा है, जिसमें धनबाद जिला के मौजा-धनबाद, मनईटांड़ और दुहाटांड़ क्षेत्र में रिंग रोड निर्माण के लिए भू-अर्जन के दौरान मुआवजा वितरण में भारी अनियमितता बरतने का आरोप है।
आपको बता दें कि अनुसंधान के क्रम में 9 जनवरी 2026 को सभी आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। आरोप पत्र दाखिल करने के बाद अब मामले की सुनवाई निगरानी न्यायालय में होगी।
क्या है पूरा मामला
जांच में सामने आया कि तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी और अन्य सरकारी कर्मियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिचौलियों और फर्जी दावेदारों से मिलीभगत की। बिना समुचित सत्यापन के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा राशि का भुगतान किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंची।
इन पर हुई कार्रवाईः इस मामले में तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक और कानूनगो मिथिलेश कुमार को प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है।
वहीं, 15 अन्य लोगों को अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में नामजद किया गया है। जिसमें सुमेश्वर शर्मा, अनुपमा कुमारी उर्फ अनुपम कुमारी, शंकर प्रसाद दूबे, आलोक बरियार उर्फ जैको लाला, सुशील प्रसाद, विशाल कुमार, रविन्द्र कुमार, कुमारी रत्नाकर उर्फ रत्नाकर कुमारी उर्फ रत्नाकर देवी, दिलीप गोप, बप्पी राय चौधरी उर्फ गोपीराय चौधरी, रामकृपाल गोस्वामी, अशोक कुमार महथा, उमेश महतो, अनिल कुमार उर्फ अनिल कुमार सिंहा, काली प्रसाद सिंह शामिल है। इनमें सरकारी कर्मचारी, अमीन, लिपिक, अंचालाधिकारी, समेत कुछ बिचौलिए भी शामिल हैं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

