बिहार(BIHAR):JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर आनंद मोहन ने तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया –
“कैसी रणनीति है ये, जिसमें एक मुख्यमंत्री को राज्यसभा जाने की नौबत आ जाए?”
उन्होंने साफ कहा कि ये कोई सामान्य फैसला नहीं, बल्कि एक मजबूरी है… और ये मजबूरी पैदा किसने की?
आनंद मोहन के अनुसार, पार्टी के अंदर बैठे कुछ “चंद लोग” ही इसके जिम्मेदार हैं।
उनका दावा है कि
“CM साहब को प्लानिंग के तहत बिहार से दूर किया जा रहा है”
और अगर यही लोग अकेले जनता के बीच निकल जाएं, तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ेगा।
आनंद मोहन ने बिना नाम लिए कुछ नेताओं को “चाटुकार” बताते हुए कहा कि
“जिनकी खुद की औकात छोटी राजनीति की है, वही आज बिहार का भविष्य तय कर रहे हैं।”
उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से कुछ पल के लिए BJP को फायदा मिल सकता है
लेकिन इससे RJD को भी बड़ा राजनीतिक मौका मिल जाएगा
आनंद मोहन ने यह भी खुलासा किया कि 2025 चुनाव के दौरान उन्होंने कई बार नीतीश कुमार से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें रोका गया।
इसके बाद उन्होंने CM आवास जाना ही छोड़ दिया।
उन्होंने साफ कहा –
“मैं किसी पार्टी में नहीं हूं, लेकिन नीतीश जी से मेरा व्यक्तिगत रिश्ता है”
“पार्टी की कमान सीधे उन्हीं के हाथ में होनी चाहिए”
Nishant Kumar को लेकर भी उन्होंने बड़ा बयान दिया –
“डिप्टी CM बनना मतलब सिर्फ नाम का पद है, असली ताकत नहीं।”
दिल्ली में दिए गए इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
खासकर पिछड़े वर्ग के बीच आनंद मोहन के लिए समर्थन बढ़ता दिख रहा है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

