लोकसभा में उठाए गए सवाल पर केंद्र का ठोस जवाब—स्पेशल ट्रेन को नियमित कर 13379/13380 एक्सप्रेस के रूप में संचालन का निर्णय
धनबाद(DHANBAD): धनबाद लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद श्री ढुलू महतो द्वारा लोकसभा में उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक और ठोस कदम उठाया है। सांसद ने धनबाद–मुंबई रेल संपर्क से जुड़ी गंभीर समस्याओं को सदन में प्रमुखता से रखा था।
इस पर जवाब देते हुए रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 03379/03380 धनबाद–लोकमान्य तिलक (T) स्पेशल ट्रेन को नियमित करते हुए अब 13379/13380 धनबाद–लोकमान्य तिलक (T) एक्सप्रेस के रूप में संचालित किया जाएगा। यह निर्णय क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
सीधी रेल कनेक्टिविटी खत्म होने का मुद्दा उठाया गया
सांसद ढुलू महतो ने अपने प्रश्न में यह प्रमुख चिंता व्यक्त की थी कि 03379/80 (धनबाद–मुंबई एलटीटी स्पेशल) के बंद होने से कोल इंडिया कॉरिडोर (सीआईसी) के बरकाकाना–डाल्टनगंज–गढ़वा रोड सेक्शन का पश्चिमी क्षेत्र से सीधा रेल संपर्क समाप्त हो गया है।
यह क्षेत्र देश के महत्वपूर्ण कोयला उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र है, जहां से बड़ी संख्या में श्रमिक, व्यवसायी और आम नागरिक मुंबई तथा पश्चिमी भारत की ओर यात्रा करते हैं। इस सीधी सेवा के अभाव में यात्रियों को अनावश्यक परेशानी और अतिरिक्त समय का सामना करना पड़ रहा था।
हावड़ा टर्मिनल पर दबाव और यात्रियों की समस्या को रखा प्रमुखता से
सांसद ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान में हावड़ा–मुंबई सेक्टर की ट्रेनों पर अत्यधिक निर्भरता है, विशेष रूप से ट्रेन संख्या 12321/12322 (हावड़ा–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस) पर। हावड़ा टर्मिनल पर अत्यधिक भीड़ और सैचुरेशन के कारण धनबाद जैसे मध्यवर्ती औद्योगिक शहरों के यात्रियों को कन्फर्म बर्थ प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इससे न केवल आम यात्रियों बल्कि श्रमिकों और व्यवसायिक वर्ग को भी भारी असुविधा झेलनी पड़ती है।
कोल बेल्ट के लिए नई सेवाओं की मांग को दिया गया बल
सांसद ढुलू महतो ने धनबाद जंक्शन, चंद्रपुरा जंक्शन, डाल्टनगंज जंक्शन, सिंगरौली जंक्शन और भुसावल जंक्शन को जोड़ने वाली नियमित ट्रेन सेवा शुरू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड का कोल बेल्ट देश की ऊर्जा और औद्योगिक जरूरतों का महत्वपूर्ण आधार है, जहां से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक और कारोबारी देश के विभिन्न हिस्सों में जाते हैं।
ऐसे में इस क्षेत्र के लिए बेहतर और सीधी रेल सेवा अत्यंत आवश्यक है।
रेलवे ने बताए संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण मानदंड
रेल मंत्रालय ने अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी नई ट्रेन सेवा की शुरुआत कई तकनीकी और संचालन संबंधी कारकों पर निर्भर करती है। इसमें संबंधित रेल खंड की क्षमता, ट्रैक की उपलब्धता (पाथ), आवश्यक रोलिंग स्टॉक की उपलब्धता, उससे संबंधित आधारभूत संरचना की स्थिति तथा रेलवे ट्रैक और अन्य परिसंपत्तियों के रखरखाव की आवश्यकता जैसे पहलू शामिल होते हैं।
इन सभी कारकों का मूल्यांकन करने के बाद ही नई सेवाओं पर अंतिम निर्णय लिया जाता है।
सांसद ने जताया आभार और आगे के प्रयासों का भरोसा
इस महत्वपूर्ण निर्णय पर सांसद ढुलू महतो ने केंद्र सरकार और माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय धनबाद सहित पूरे झारखंड के औद्योगिक क्षेत्रों, श्रमिकों, व्यवसायियों और आम यात्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे क्षेत्र के समग्र विकास और बेहतर रेल सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे, ताकि जनता को सुगम, सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

