
जम्मू कश्मीर (J&K) : जम्मू-कश्मीर में 36 साल बाद कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की प्रक्रिया शुरू होने से एक नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से खाली पड़े और खंडहर बन चुके मंदिरों का पुनर्निर्माण कर उन्हें फिर से खोला जा रहा है, वहीं विस्थापित परिवारों की जमीनें भी वापस दिलाने की कोशिश तेज कर दी गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1990 के दौरान कब्जाई गई करीब 3700 कनाल जमीन को वापस लेने में सफलता मिली है। प्रशासन का दावा है कि कश्मीर घाटी के कई जिलों में यह जमीन वापस लेकर कश्मीरी पंडितों को सौंप दी गई है, जिससे उनके पुनर्वास की दिशा में अहम प्रगति हुई है।
इस पहल का कश्मीरी पंडित समुदाय ने स्वागत किया है और इसे अपने मूल स्थानों पर लौटने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। सरकार के इस प्रयास से घाटी में सामाजिक संतुलन और सांस्कृतिक विरासत को फिर से मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

