हुंकार: “अब हिंदुओं पर प्रहार बर्दाश्त नहीं, संस्कृति बचाने के लिए हो जाएं संगठित” — स्वामी सीतारामशरण…

हुंकार: “अब हिंदुओं पर प्रहार बर्दाश्त नहीं, संस्कृति बचाने के लिए हो जाएं संगठित” — स्वामी सीतारामशरण…

जामताड़ा(JAMTADA): जामताड़ा के राजपल्ली स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। हिंदू सम्मेलन समारोह समिति (अंबेडकर बस्ती) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सम्मेलन के मुख्य वक्ता, चित्रकूटधाम के सुविख्यात राष्ट्रीय प्रखर प्रवक्ता एवं युवा महंत श्री श्री 1008 स्वामी सीतारामशरण जी महाराज ने अपने ओजस्वी संबोधन से सनातनियों में जोश भर दिया।

एकता ही सुरक्षा का एकमात्र मार्ग
स्वामी सीतारामशरण जी महाराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कलयुग में संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा, “भारतीय संस्कृति पर सदियों से हमले होते रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम अपनी शक्ति पहचानें। यदि आज सनातनी, साधु-संत, महंत और जगद्गुरु शंकराचार्य एक मंच पर नहीं आए, तो चुनौतियां और बढ़ेंगी। एकता ही सुरक्षा की गारंटी है।”
“जो छेड़ेगा, उसे छोड़ेंगे नहीं”
स्वामी जी ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि हिंदुओं पर होने वाले प्रहार अब बर्दाश्त की सीमा से बाहर हो चुके हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:

“जो हमें छेड़ेगा, उसे हम छोड़ेंगे नहीं। यदि कोई हमारी पूंछ में आग लगाने का दुस्साहस करेगा, तो उसकी लंका में भी आग लगेगी। अब ईंट का जवाब पत्थर से देने का समय है।”

सामाजिक समरसता और ‘हलाल’ का बहिष्कार
महाराज जी ने समाज को अंदरूनी रूप से मजबूत करने के लिए जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि सनातनी एक साथ बैठकर सामूहिक भोजन करें और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें। साथ ही, उन्होंने आर्थिक मोर्चे पर सचेत करते हुए ‘हलाल सर्टिफिकेट’ वाले उत्पादों के पूर्ण बहिष्कार और स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया।
संस्कार, गौ और पर्यावरण पर जोर
आगामी पीढ़ी को सुरक्षित करने के लिए स्वामी जी ने कई महत्वपूर्ण सूत्र दिए:

  • शिक्षा: बच्चों को बचपन से ही गीता और रामायण के संस्कार दें।
  • संरचना: हर क्षेत्र में गुरुकुल, गौशाला और साप्ताहिक हनुमान चालीसा पाठ केंद्रों की स्थापना हो।
  • पर्यावरण: प्रत्येक सनातनी अपने जन्म और विवाह जैसे शुभ अवसरों पर एक वृक्ष अवश्य लगाए और घर में तुलसी का पौधा रखें।
    इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
    इस विराट आयोजन में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्य रूप से संरक्षक राजा नित्यगोपाल सिंह, संयोजक सुशील हरि, आरएसएस के प्रांत घुमन्तु प्रमुख वासुदेव यादव, राजन हरि, चंचल भंडारी, संजय दत्ता, शुभम कुमार, विजय रॉय, काली साहा, शंकर गोराई, राजा पॉल, नरेश रवानी, बिजय हरि, बिजय राउत, सुनील बाउरी और श्रवण हरि सहित सैकड़ों महिलाओं व पुरुषों ने सनातन धर्म की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।

NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

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