
धनबाद(DHANBAD): बलियापुर में भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है और मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बलियापुर पूर्वी मंडल के महामंत्री शत्रुघ्न महतो सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की घटना को लेकर भाजपा नेताओं ने खुलकर विरोध जताया है। इस कार्रवाई के खिलाफ युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष मनीष साव ने प्रेस वार्ता कर प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
मनीष साव ने कहा कि रामनवमी जुलूस के दौरान हुई पथराव की घटना निंदनीय है, लेकिन उसके बाद जिस तरह से भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की गई, वह पूरी तरह एकतरफा और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तुष्टिकरण की नीति पर काम कर रही है और जानबूझकर एक वर्ग विशेष को बचाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तार महामंत्री के साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार—कमर में रस्सी बांधकर पैदल ले जाना—मानवाधिकारों का उल्लंघन है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
जिला अध्यक्ष ने प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया कि सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाने और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मांग की कि सभी निर्दोष कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो युवा मोर्चा सड़कों पर उतरकर जोरदार आंदोलन करेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बलियापुर और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों में आक्रोश साफ देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस मामले को प्रदेश स्तर तक उठाया गया है और युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने भी इसे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान में लाते हुए कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बढ़ते दबाव के बीच क्या कदम उठाता है और मामला किस दिशा में जाता है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

