धनबाद(DHANBAD): IIT (ISM) धनबाद द्वारा झारखंड के आदिवासी छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 24–25 मार्च 2026 को मिड-सेमेस्टर परीक्षा और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग विजिट का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम EMRS बसिया (गुमला) और EMRS कुजरा (लोहरदगा) में कक्षा 10, 11 और 12 के छात्रों के लिए संचालित हो रहा है, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह पहल संस्थान के आईटी और कंप्यूटर स्किल्स पर आधारित क्षमता निर्माण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व IIT (ISM) धनबाद के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक इंजीनियरिंग विभाग की प्रो. रश्मि सिंह और प्रो. नीलाद्रि दास कर रहे हैं। यह कार्यक्रम जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से संचालित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य छात्रों को आधुनिक डिजिटल कौशल से लैस करना है।
इस प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को एमएस ऑफिस जैसे डिजिटल टूल्स, स्प्रेडशीट के माध्यम से डेटा विश्लेषण, और पायथन प्रोग्रामिंग की बुनियादी जानकारी दी जा रही है। साथ ही, पढ़ाई को केवल सैद्धांतिक न रखते हुए उसे व्यावहारिक रूप से समझने और लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के तहत थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा के माध्यम से छात्रों की प्रगति का आकलन किया जा रहा है, जिससे उनकी समझ का स्तर जाना जा सके और जहां जरूरत हो, वहां सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। इसके साथ ही छात्रों और स्कूल प्रशासन से फीडबैक लेकर कार्यक्रम को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह पहल IIT (ISM) धनबाद के समावेशी विकास के प्रयासों को दर्शाती है और आने वाले समय में इसे एक मॉडल प्रोग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक आदिवासी युवा डिजिटल रूप से सशक्त बन सकें।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

