धनबाद सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में उठाया अनुबंध श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ का मुद्दा…

धनबाद सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में उठाया अनुबंध श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभ का मुद्दा…

संवेदनशील औद्योगिक कार्यों में लगे श्रमिकों को समान चिकित्सा सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर केंद्र सरकार से मांगी विस्तृत जानकारी

धनबाद(DHANBAD): धनबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत अनुबंध श्रमिकों (Contract Workers) की सुरक्षा, स्वास्थ्य लाभ और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विशेष रूप से उन श्रमिकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की जो संवेदनशील एवं जोखिमपूर्ण औद्योगिक कार्यों में कार्यरत हैं। सांसद ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि समान कार्य करने के बावजूद क्या अनुबंध श्रमिकों को स्थायी कर्मचारियों के समान चिकित्सा लाभ और सुरक्षा प्राप्त हो रही है।

अनुबंध श्रमिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा पर उठाया महत्वपूर्ण प्रश्न

सांसद ढुलू महतो द्वारा लोकसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से यह जानकारी मांगी गई कि क्या सरकार इस तथ्य से अवगत है कि जोखिमपूर्ण औद्योगिक कार्यों में लगे अनुबंध श्रमिक स्थायी कर्मचारियों के समान कार्य करते हुए भी कई बार समुचित चिकित्सा लाभ से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में चिकित्सा सुरक्षा के अंतर को दूर करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।

सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत समान चिकित्सा लाभ का प्रावधान

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से दिए गए उत्तर में बताया गया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 तथा वर्तमान में लागू सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security) के तहत कर्मचारियों, जिनमें अनुबंध श्रमिक भी शामिल हैं, को ईएसआई (ESIC) योजना के अंतर्गत चिकित्सा सुरक्षा प्रदान की जाती है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा लाभ की पात्रता के मामले में स्थायी और अनुबंध श्रमिकों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है।

ईएसआई योजना के अंतर्गत श्रमिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा

सरकार ने जानकारी दी कि जिन औद्योगिक प्रतिष्ठानों में दस या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं तथा जिनकी मासिक आय निर्धारित सीमा (₹21,000 तक) के भीतर है, उन्हें ईएसआई योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त जीवन के लिए जोखिमपूर्ण या संवेदनशील व्यवसायों में कार्यरत श्रमिकों को भी, यदि उनकी आय निर्धारित सीमा के भीतर है, चिकित्सा सुरक्षा का लाभ दिया जाता है।

मुख्य नियोक्ता की जिम्मेदारी तय

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुबंध श्रमिकों को ईएसआई योजना के अंतर्गत चिकित्सा लाभ उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी मुख्य नियोक्ता (Principal Employer) की होती है, चाहे श्रमिक सीधे नियुक्त हों या किसी ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत हों। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता है तो सक्षम प्राधिकारियों द्वारा निरीक्षण और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाती है।

स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था

स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के साथ समझौता किया है, जिसके माध्यम से ईएसआई लाभार्थी आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) से संबद्ध अस्पतालों में भी उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकारों की स्वास्थ्य सुविधाओं का भी उपयोग कर चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता को और व्यापक बनाया जा रहा है।

सांसद ढुलू महतो ने कहा कि देश के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक अनुबंध व्यवस्था के तहत कार्य करते हैं और कई बार उन्हें जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें समान सुविधाएँ दिलाने के लिए वे संसद में निरंतर आवाज उठाते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है और उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को और प्रभावी बनाकर श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा और सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य करती रहेगी।

NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

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