होली के दूसरे दिन जामताड़ा जिले के थानों में लगी रही भीड़, आपसी विवाद और मारपीट के मामलों से लोग परेशान…

होली के दूसरे दिन जामताड़ा जिले के थानों में लगी रही भीड़, आपसी विवाद और मारपीट के मामलों से लोग परेशान…

जामताड़ा(JAMTADA): रंगों और उल्लास के पर्व होली के बाद जामताड़ा जिले के विभिन्न थाना परिसरों में दूसरे दिन सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की भारी भीड़ देखी गई। होली के दिन विभिन्न क्षेत्रों में हुए आपसी विवाद, कहासुनी और मारपीट की घटनाओं को लेकर बड़ी संख्या में लोग थानों का रुख करते नजर आए। कई स्थानों से आए लोगों ने अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज कराने या मामले को सुलझाने के लिए पुलिस से संपर्क किया।

जानकारी के अनुसार, जिले के अलग-अलग इलाकों में होली के दौरान हुए छोटे-बड़े विवादों ने अगले दिन थानों का माहौल काफी व्यस्त बना दिया। कई मामलों में स्थानीय स्तर पर समझौते की कोशिशें भी होती रहीं, जबकि कुछ मामलों में पुलिस को हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास करना पड़ा।

सुबह से शाम तक जुटते रहे लोग

थाना परिसर में सुबह से ही लोगों का आना-जाना शुरू हो गया था। दिन चढ़ने के साथ ही विभिन्न मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों से लोग अपनी शिकायतों के साथ पहुंचते रहे। कई मामलों में दोनों पक्षों के समर्थक और परिचित भी थाने पहुंचे, जिससे परिसर में भीड़ का माहौल बना रहा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, होली के दिन रंग-गुलाल के दौरान कई जगहों पर कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटनाएं हुई थीं, जो बाद में विवाद का कारण बन गईं। अगले दिन इन्हीं मामलों को लेकर पक्षकार थानों में पहुंचे और समाधान की कोशिश की गई।

आपसी समझौते के प्रयास

सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में पुलिस पदाधिकारियों ने दोनों पक्षों को बुलाकर आपसी बातचीत के माध्यम से विवाद को शांत कराने की कोशिश की। कुछ मामलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के जिम्मेदार लोगों ने भी हस्तक्षेप कर समझौते का रास्ता निकालने का प्रयास किया।

हालांकि, पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि जहां मामला गंभीर प्रकृति का है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

सड़क दुर्घटना और मारपीट की चर्चा

इसी बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित एक प्रतिष्ठित मॉल के निकट बाइक सवार युवकों के साथ हुई दुर्घटना और उसके बाद हुए कथित विवाद की चर्चा भी दिनभर क्षेत्र में होती रही। इस घटना को लेकर आसपास के लोगों और वहां काम करने वाले युवाओं के बीच भी अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रहीं।

हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी लेकर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया गया और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की गई।

प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल

गौरतलब है कि होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पिछले कई सप्ताह से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा गांव से लेकर जिला स्तर तक लगातार बैठकें, गश्त और निगरानी की व्यवस्था की जा रही थी।

इसके बावजूद यदि बड़ी संख्या में विवाद और शिकायतें सामने आती हैं तो यह व्यवस्था और सामाजिक समन्वय दोनों के लिए चिंतन का विषय माना जा रहा है।

शांति और संयम की अपील

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान हुए किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्ण ढंग से समाधान का प्रयास करें। साथ ही किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

होली जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक पर्व का मूल उद्देश्य आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करना है। ऐसे में समाज के सभी वर्गों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे संयम और समझदारी का परिचय देते हुए क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।

उपरोक्त कहानी के पीछे प्रशासन का ड्राई डे का फार्मूला एक और जहां सप्लाई पूछ होते दिखा भाई दूसरी ओर कालाबाजारी से ड्राई डे का जामताड़ा जिला के हर चौक चौराहे पर बखिया उधर ने की भी बात सामने आई है।

NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

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