नगर निगम चुनाव के बाद भाजपा में उठे सवाल
कोल्हान प्रमंडल में हुए नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड भाजपा के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नेता राजकुमार सिंह ने पार्टी की हार को लेकर बड़ा और विस्फोटक आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की लगातार गिरती साख के पीछे बाहरी कारण कम और अंदरूनी कारण ज्यादा जिम्मेदार हैं।
राजकुमार सिंह ने कहा कि वे लगभग 30 वर्षों तक भाजपा से जुड़े रहे और एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पार्टी की सेवा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा एक सिपाही की तरह संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया, लेकिन आज पार्टी के भीतर जिस तरह की स्थिति बन रही है, वह बेहद चिंताजनक है।
बड़े नेताओं की वजह से कमजोर हो रही पार्टी
राजकुमार सिंह ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ बड़े नेताओं की कार्यशैली की वजह से भाजपा लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि जमीनी कार्यकर्ताओं को महत्व देने के बजाय कुछ नेता अपने आसपास ऐसे लोगों को रख रहे हैं जो केवल खुशामद और चमचागिरी करते हैं।
उनका कहना है कि जब समर्पित और ईमानदार कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जाती और सुनी-सुनाई बातों के आधार पर उन्हें नजरअंदाज या संगठन से बाहर कर दिया जाता है, तब संगठन की जड़ें कमजोर हो जाती हैं।
गांव के बाद अब शहर में भी कमजोर हो रही भाजपा
राजकुमार सिंह ने कहा कि पहले भाजपा को गांवों में मजबूत बनाने की चुनौती थी, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि शहरों में भी पार्टी कमजोर पड़ने लगी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव के नतीजे इसी बात का संकेत दे रहे हैं।
उनका मानना है कि यदि पार्टी को फिर से मजबूत बनाना है तो नेतृत्व को जमीनी कार्यकर्ताओं की बात सुननी होगी और संगठन के अंदर पारदर्शिता लानी होगी।
कुछ नेताओं ने विरोधियों के लिए किया काम
राजकुमार सिंह ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं ने दूसरे दल के पक्ष में काम किया। उन्होंने कहा कि यदि यह सच है तो यह संगठन के लिए बेहद गंभीर विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के भीतर ही इस तरह की गतिविधियां होती रहेंगी तो चुनावी परिणाम प्रभावित होना स्वाभाविक है।
मोदी और शाह के सिद्धांतों से भटक रही झारखंड भाजपा
राजकुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि वे आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के समर्थक हैं और उनके नेतृत्व में देश की राजनीति को नई दिशा मिली है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड भाजपा में अब वैसी कार्यशैली नहीं दिख रही है, जैसी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सोच है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में अब ‘मेरा-तेरा’ की राजनीति हावी हो गई है, जो किसी भी संगठन के लिए घातक होती है।
30 साल की सेवा के बाद छलका दर्द
राजकुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने भाजपा में रहते हुए किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष और युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इतने लंबे समय तक पार्टी से जुड़े रहने के कारण आज की स्थिति देखकर उन्हें पीड़ा होती है।
उन्होंने कहा कि उनका मकसद पार्टी को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सच्चाई सामने रखना है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अपील की कि वे इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करें और संगठन को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

