आसनसोल(WEST BENGAL):2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में दलबदल का खेल तेज हो गया है। खासकर आसनसोल का कुलटी विधानसभा क्षेत्र इन दिनों सियासी हलचल का केंद्र बना हुआ है।
दो दिन पहले ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में कुलटी विधानसभा क्षेत्र में परिवर्तन यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा के दौरान आयोजित सभा में तृणमूल के दिग्गज नेता बिरेश्वर आचार्य सहित विभिन्न दलों के 500 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इस घटना को भाजपा ने बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में पेश किया था और इसे सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका बताया गया था।
हालांकि, इस घटनाक्रम के ठीक दो दिन बाद तृणमूल कांग्रेस ने भी शक्ति प्रदर्शन करते हुए उसी स्थान पर एक कार्यक्रम आयोजित किया, जहां भाजपा की परिवर्तन यात्रा हुई थी। इस कार्यक्रम में राज्य के मंत्री मलय घटक के नेतृत्व में भाजपा और अन्य दलों के करीब 350 से अधिक कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा की सभा के बाद तृणमूल के राज्य स्तरीय नेतृत्व ने जिला नेतृत्व पर संगठन को मजबूत करने और जवाबी रणनीति अपनाने का दबाव बनाया था। इसके बाद तृणमूल ने सक्रियता दिखाते हुए बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चलाया और विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं को अपने पाले में लाने का प्रयास किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए दोनों प्रमुख दल अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं और दलबदल की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि कुलटी सहित आसनसोल क्षेत्र में यह राजनीतिक उठापटक चुनावी नतीजों पर कितना असर डालती है।
NEWSANP के लिए अतिक रहमान की रिपोर्ट

