धनबाद(DHANBAD): धनबाद नगर निगम चुनाव में एक बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर सामने आ रही है। कुछ मेयर प्रत्याशी जनता के सामने अपना कोई विज़न, नीति या सोच रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं और मजबूरी में दूसरे प्रत्याशियों के विचारों, पोस्टरों और कंटेंट की खुली नकल कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर “मेयर प्रत्याशी अमित अग्रवाल” नामक हैंडल से लगातार वही कंटेंट पोस्ट किया जा रहा है, यह तथ्य अब सार्वजनिक रूप से साफ़ है कि रवि बुंदेला द्वारा पिछले तीन महीनों से धनबाद के विकास, साफ़ प्रशासन और जनसरोकारों को लेकर जो विज़न, पोस्टर और कंटेंट लगातार जनता के बीच रखा जा रहा है, उसी कंटेंट को एक अन्य मेयर प्रत्याशी द्वारा पिछले महज़ 6 दिनों से कॉपी पेस्ट कर सोशल मीडिया विशेषकर फेसबुक हैंडल “मेयर प्रत्याशी अमित अग्रवाल” पर पोस्ट किया जा रहा है।
जो पहले से ही रवि बुंदेला के विज़न, सोच और अभियान का हिस्सा रहा है। शब्द वही, भाषा वही, डिज़ाइन वही बस नाम बदल दिया गया है। यह साफ़ दर्शाता है कि संबंधित प्रत्याशी के पास न तो धनबाद के लिए कोई रोडमैप है और न ही मेयर बनने की बौद्धिक क्षमता।
रवि बुंदेला स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते हैं कि धनबाद की जनता मूर्ख नहीं है। नकल करने वाले प्रत्याशी शायद यह भूल गए हैं कि नेतृत्व उधार नहीं लिया जाता और विज़न चोरी नहीं किए जाते।
आज सवाल यह है क्या धनबाद जैसे औद्योगिक और ऐतिहासिक शहर को ऐसा मेयर चाहिए, जिसकी पूरी राजनीति दूसरों की सोच पर टिकी हो? या फिर ऐसा नेतृत्व, जो अपने दम पर शहर को दिशा देने का साहस रखता हो?
रवि बुंदेला का विज़न स्पष्ट है, सार्वजनिक है और जनता के बीच है। जो लोग आज उसकी नकल कर रहे हैं, वे कल शहर कैसे चलाएंगे यह सोचने का विषय है।
धनबाद को नकली चेहरे नहीं, असली नेतृत्व चाहिए।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

