बलियापुर(DHANBAD): सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक चंद्रदेव महतो के छोटे भाई और भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य व पूर्व विधायक आनंद महतो के सुपुत्र डॉ. बुद्धदेव महतो (44 वर्ष) का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले एक वर्ष से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज दिल्ली और मुंबई के बड़े अस्पतालों में चल रहा था, परंतु शनिवार प्रातः करीब 5:00 बजे रांची में उन्होंने अंतिम सांस ली।
व्यक्तित्व और करियर:
डॉ. बुद्धदेव महतो अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे। वे हजारीबाग टेक्निकल यूनिवर्सिटी में व्याख्याता (Lecturer) के पद पर कार्यरत थे। वे अपने पीछे पत्नी सरिता देवी और दो छोटे पुत्रों, सिद्धार्थ एवं गौतम को छोड़ गए हैं।
शोक की लहर:
उनके निधन की खबर मिलते ही सिंदरी और बलियापुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई । विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और भाकपा माले के समर्थकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया ।
अंतिम दर्शन:
स्वर्गीय डॉ. महतो का पार्थिव शरीर रांची से उनके पैतृक आवास संध्या लगभग 4:00 बलियापुर स्थित बड़ादाहा गांव लाया गया तो आवास पर अंतिम दर्शन के लिए शुभचिंतकों और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ ने अंतिम दर्शन करते हुए नाम आंखों से सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि दी। यह अत्यंत भावुक क्षण था। गांव से करीब 3 किलोमीटर लंबा सफर तय करके अंतिम यात्रा का काफिला दामोदर नदी स्थित सरसाकुड़ी घाट पहुंचा, जहां-बड़े भतीजे ने पार्थिव शरीर को मुख्य अग्नि दी।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

