विधानसभा चुनाव से पहले गरमाई बंगाल की सियासत आशा कर्मियों के बाद सफाई कर्मियों का आंदोलन, बढ़ीं ममता सरकार की मुश्किलें……

विधानसभा चुनाव से पहले गरमाई बंगाल की सियासत आशा कर्मियों के बाद सफाई कर्मियों का आंदोलन, बढ़ीं ममता सरकार की मुश्किलें……

भाजपा-कांग्रेस-सीपीएम सड़कों पर, तेज आंदोलन की चेतावनी लगाए कई गंभीर आरोप…

आसनसोल(ASANSOL): पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है। चुनावी माहौल के बीच आशा कर्मियों के बाद अब सफाई कर्मियों के आंदोलन ने राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। वेतन वृद्धि, पीएफ, ईएसआई सुविधा और कैजुअल स्टाफ का दर्जा देने की मांग को लेकर सफाई कर्मी और आशा कर्मी लगातार आंदोलनरत हैं।
राज्य में सभी राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। एक ओर तृणमूल कांग्रेस अपनी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भाजपा को चुनौती दे रही है, वहीं भाजपा कोयला, बालू, पत्थर, शिक्षा और अन्य कथित घोटालों को लेकर सरकार पर हमलावर है। भाजपा का आरोप है कि राज्य की जनता को केंद्र सरकार की योजनाओं से वंचित रखा गया है और बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट के सहारे तृणमूल कांग्रेस सत्ता में बनी हुई है।
इसी बीच आशा कर्मियों और सफाई कर्मियों के आंदोलन ने सरकार को राजनीतिक रूप से असहज कर दिया है। हाल ही में पेश राज्य बजट में आशा कर्मियों के मानदेय में लगभग एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई, लेकिन सफाई कर्मियों की किसी भी मांग को पूरा नहीं किया गया। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि निगम की आर्थिक स्थिति फिलहाल ठीक नहीं है और आगामी दो वर्षों तक वेतन वृद्धि संभव नहीं है, हालांकि अन्य मांगों पर विचार किया जा सकता है।
पिछले कई दिनों से आसनसोल शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं, जिससे गंदगी और दुर्गंध के कारण आम लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
इस मुद्दे को लेकर अब विपक्षी दल भी सड़क पर उतर आए हैं। भाजपा, कांग्रेस और सीपीएम ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। कहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क पर जमा कचरा साफ कर सरकार पर निशाना साधा जा रहा है, तो कहीं आसनसोल नगर निगम का घेराव कर मांगों को लेकर दबाव बनाया जा रहा है।
मामले में भाजपा के पश्चिम बर्दवान जिला अध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य और पार्टी के राज्य नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने तृणमूल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों ने वेतन वृद्धि, पीएफ और कैजुअल स्टाफ का दर्जा देने की मांग की थी। निगम के मेयर विधान उपाध्याय के अनुसार पिछले वर्ष वेतन बढ़ाया गया था, लेकिन इस वर्ष निगम की वित्तीय स्थिति कमजोर होने के कारण अगले दो वर्षों तक वेतन वृद्धि संभव नहीं है। वहीं पीएफ को लेकर कहा गया है कि सफाई कर्मियों के खाते तो बनाए गए हैं, लेकिन उनमें अभी तक राशि जमा नहीं हुई है।
इस पर कृष्णेंदु मुखर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सफाई कर्मियों के पीएफ खाते बन चुके हैं और उनके वेतन से पीएफ की राशि काटी जा रही है, तो वह पैसा आखिर जा कहां रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द सफाई कर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भाजपा जोरदार आंदोलन शुरू करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज पूरा शिल्पांचल कूड़े से पटता जा रहा है और इसके लिए पूरी तरह से राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस जिम्मेदार है।

NEWSANP के लिए अतिक रहमान की रिपोर्ट

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