बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, शिक्षा में संस्कार और कला के समन्वय पर दिया गया जोर
सिंदरी(SINDRI): सरस्वती विद्या मंदिर सिंदरी में 7 फरवरी 2026 को शिशु वाटिका वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रियंका जी (प्रधानाध्यापिका, गणित विभाग, बी.आई.टी. सिंदरी), विशिष्ट अतिथि ज्योति देवी (मातृ भारती सदस्या), महेंद्र यादव (कोषाध्यक्ष), सुनील कुमार पाठक (प्राचार्य) तथा सुमन सिंह (कार्यक्रम प्रमुख) सहित विद्यालय परिवार एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कक्षा प्रवेश से पंचम तक के भैया-बहनों ने गणेश वंदना, मनोहारी नृत्य, समूह गीत “यूनिटी इन डाइवर्सिटी”, नाटक तथा कबीरदास के दोहों की सुंदर प्रस्तुति दी। बच्चों की आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा प्रांगण गूंज उठा।
मुख्य अतिथि प्रियंका जी ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तक के ज्ञान के साथ यदि कला को जोड़ा जाए तो शिक्षा और अधिक रोचक तथा प्रभावी बन जाती है। उन्होंने सरस्वती विद्या मंदिर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां खेल-खेल में संस्कारयुक्त शिक्षा दी जाती है, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की रुचि को पहचानें और उनके लक्ष्य निर्धारण में सहयोग करें, न कि अपने अधूरे सपनों का बोझ उन पर थोपें।
सकारात्मक सोच पर जोर देते हुए उन्होंने थॉमस एडिसन का उदाहरण प्रस्तुत किया और कहा कि हमारी मानसिकता ही हमारी सफलता तय करती है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों को मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से बचने और बच्चों को पर्याप्त समय देने की प्रेरणा दी, ताकि बच्चों का भावनात्मक और मानसिक विकास सुदृढ़ हो सके।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सुनीता कुमारी ने आगंतुकों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संपूर्ण आयोजन उत्साह, अनुशासन और संस्कारों से परिपूर्ण रहा।
NEWSANP के लिए भोला बाउरी की रिपोर्ट

