धनबाद(DHANBAD): पीबी एरिया अंतर्गत बीसीसीएल कर्मी अर्जुन कोड़ा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद कोयलांचल में आक्रोश का माहौल है। 28 जनवरी को अर्जुन कोड़ा की मौत हुई थी। प्रबंधन का दावा है कि उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या की, जबकि परिजन इस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं और मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मामले को लेकर सबसे शर्मनाक और संवेदनहीन स्थिति यह है कि अर्जुन कोड़ा का शव पिछले आठ दिनों से पुटकी स्थित जीएम ऑफिस के मुख्य गेट पर रखा हुआ है। परिजन शव को वहीं रखकर धरने पर बैठे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
परिजनों का कहना है कि जब तक मौत की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उनका आरोप है कि प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और पीड़ित परिवार की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना न सिर्फ प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। आठ दिनों तक शव का यूं पड़े रहना पूरे सिस्टम की उदासीनता को दर्शाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएंगे, या फिर इंसाफ की मांग कर रहे एक परिवार को इसी तरह दर-दर भटकने के लिए मजबूर किया जाता रहेगा।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

