नई दिल्ली(NEW DELHI): मणिपुर में बीते कई महीनों से जारी सियासी उठापटक का अंत हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर विधानसभा में विधायक दल का नेता चुन लिया है। इसके साथ ही वे राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे।
इससे पहले दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में मणिपुर के भाजपा विधायकों की अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के महामंत्री तरुण चुग और संबित पात्रा ने की। बैठक में कुल 35 विधायक मौजूद रहे, जबकि दो विधायक अस्वस्थ होने के कारण शामिल नहीं हो सके।
गौरतलब है कि मणिपुर में भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद मैतेयी और कुकी समुदायों के बीच हुई हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। हालात में धीरे-धीरे सुधार आने के बाद भाजपा ने दोबारा सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू की।
62 वर्षीय युमनाम खेमचंद सिंह मेतई समुदाय से आते हैं और सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे पेशे से इंजीनियर रह चुके हैं और पिछली बीरेन सरकार में नगर प्रशासन मंत्री के रूप में कार्यरत थे। वर्ष 2022 में भी वे मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को जातीय हिंसा के बाद छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसे बाद में अगस्त 2025 में और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया। दिल्ली में हुई बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, स्थगित विधानसभा के अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह, विधायक वाई खेमचंद सिंह और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी भी मौजूद रहीं।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

