
केक काटकर व संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन कर दी गई भावभीनी विदाई
धनबाद(DHANBAD): बीसीसीएल ब्लॉक 2 क्षेत्र के एडिशनल जीएम रंजीत कुमार शर्मा का उनके 60वें जन्म दिवस एवं बीसीसीएल में अपने जीवन के 60 वर्ष पूरा करने पर सेवानिवृत्त कर दिए गए।
यह उनके जीवन के लिए सहयोग की बात ही रही कि जस दिन श्री शर्मा का 60वां जन्मदिन था उसी दिन 31 जनवरी को उनकी बीसीसीएल से सेवा समाप्ति भी हुई।
शर्मा का जन्म धनबाद झरिया के घनूडीह ओपी अंतर्गत गांधी चबूतरा में हुआ था, शर्मा अपनी प्रारंभिक पढ़ाई घानूडीह मध्य विद्यालय से शुरू किए एवं गुजराती स्कूल झरिया से मैट्रिक की परीक्षा पास की , उसके बाद अपनी इंटर की पढ़ाई पूरी की और भारतीय खनिज विद्यापीठ आईएसएम जो वर्तमान में आईआईटी आईएसएम है, उसे अपनी माईनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर बीसीसीएल में अपना योगदान दिया, यह गर्व की बात रही कि सरकारी स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी कर भारतीय खानी विद्यापीठ आईएसएम तक का सफर तय कर बीसीसीएल में अपना योगदान देना।
शर्मा के लिए सुखद एवं सौभाग्य की बात यह भी रही कि बीसीसीएल में योगदान देने के बाद उनकी प्रारंभिक नौकरी की शुरुआत घनूडीह कोलियरी से ही हुई। इस दौरान शर्मा ने अपना बेहतर योगदान देते हुए बीसीसीएल में अपना बेहतर कार्य प्रदर्शन कर बीसीसीएल के कई क्षेत्रों एवं कोलियारियों में अपना बेहतर योगदान दिया एवं प्रमोशन लेते हुए बतौर एडिशनल जीएम के रूप में बीसीसीएल के ब्लॉक 2 क्षेत्र से अपने जन्म दिवस के दिन ही सेवानिवृत्ति ली।
यह पल उनके लिए बहुत ही यादगार था , इस दौरान जहां एक ओर उनके सहकर्मियों ने, उनके बेहतर कार्यशैली को याद कर उनसे बिछड़ने का दुख प्रकट किया, वहीं उनके सेवानिवृत्ति के उपरांत उनके नए जीवन के लिए उन्हें और उनकी पत्नी श्रीमती ज्योति शर्मा को भी काफी शुभकामनाएं भी दी।
इस दौरान उनके मित्रों सहकर्मियों एवं पड़ोसियों के द्वारा संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया एवं उनके 60वें जन्मदिवस एवं उनकी सेवानिवृत्ति को यादगार पलों में बदल दिया। इस दौरान उनके इस कार्यक्रम में शामिल होने आए आगंतुकों एवं उनकी पत्नियों ने स्टेज पर शर्मा एवं उनके परिवार के लिए कई संगीत प्रस्तुत किये एवं केक काटकर शर्मा का जन्मदिवस मना कर उनकी सेवा निवृत्ति के पल को उनके एवं उनके परिवार के लिए जीवन का यादगार पल बना दिया।
इस दौरान शर्मा ने कहा कि बीसीसीएल उनका कार्य स्थल नहीं बल्कि कार्यस्थल के रूप में पूजास्थल था, उन्होंने बीसीसीएल में अपने कर्तव्य को, पूजा और आस्था समझकर निभाया है। उन्होंने कहा कोलियरी में ही जन्म लिया और अपना पूरा जीवन कोलियरी में ही कार्य करते बिता दिया, इस दौरान उन्हें बीसीसीएल के कार्य क्षेत्रों का बहुत सारा अनुभव भी प्राप्त हुआ, उन्होंने यह भी कहा इस अनुभव को मेरे जीते जी जब भी बीसीसीएल को आवश्यकता पड़ेगी, मैं हमेशा बीसीसीएल के लिए तैयार रहूंगा.
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

