नई दिल्ली(NEW DELHI): शुक्रवार को सार्वजनिक हुई एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी कई खबरें शनिवार को सामने आईं। इनमें दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है और उन्होंने कथित रूप से जेफ्री एपस्टीन से सलाह ली थी।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया:
कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाते हुए इसे “राष्ट्रीय शर्म” बताया। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने कहा कि दस्तावेज़ मोदी और एपस्टीन के बीच अस्पष्ट संबंध दर्शाते हैं, जो देश की गरिमा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया:
मोदी सरकार ने इन दावों को खारिज किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जुलाई 2017 की इसराइल यात्रा के अलावा एपस्टीन की बाकी बातें “तुच्छ बकवास” हैं और पूरी तरह नकारा जाना चाहिए।
अन्य विवादास्पद दावे:
डोनाल्ड ट्रंप: एपस्टीन फाइल्स में दावा किया गया कि ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के जरिए इसराइली खुफिया एजेंसियां ट्रंप तक पहुंच रखती थीं।
बिल गेट्स: फाइल्स में यह भी दावा किया गया कि गेट्स ने रूसी युवतियों के साथ संबंध बनाए और एपस्टीन से दवाइयां लेने की कोशिश की। बिल गेट्स ने इन दावों को पूरी तरह झूठ बताया।
सत्यापन की स्थिति:
एपस्टीन फाइल्स के दस्तावेज सार्वजनिक हैं, लेकिन अधिकांश दावे अपुष्ट हैं और कई जगह रेडैक्टेड हैं। ये फाइलें एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी की गई हैं।
पृष्ठभूमि:
जेफ्री एपस्टीन 2019 में जेल में सुसाइड कर चुके हैं, लेकिन उनकी जांच में कई हाई-प्रोफाइल नाम सामने आए थे।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

