पटना(PATNA): चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत और यौन हिंसा के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच तेज कर दी है। एसआईटी अब तक 25 लोगों के ब्लड सैंपल डीएनए मिलान के लिए फॉरेंसिक लैब भेज चुकी है। इनमें संदिग्धों के साथ-साथ छात्रा के कुछ करीबी और हॉस्टल से जुड़े लोग भी शामिल हैं। 25 में से 15 लोग पटना के निवासी बताए जा रहे हैं।
बुधवार को पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को और मजबूत करने के उद्देश्य से हॉस्टल संचालक के बेटे सहित 10 अन्य लोगों के ब्लड सैंपल लिए हैं। यह मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण हॉस्टल में नियमित रूप से आने-जाने वाले लोगों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
अंतिम रिपोर्ट आने में लग सकता है समय
एसआईटी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक व्यक्ति की डीएनए प्रोफाइलिंग में कम से कम दो से तीन दिनों का समय लगता है। नमूनों की संख्या अधिक होने के कारण अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट आने में कुछ विलंब संभव है।
इधर, एसआईटी छात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल टावर लोकेशन का गहन विश्लेषण कर रही है। डंप डेटा के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि 6 जनवरी को जब छात्रा की तबीयत बिगड़ी थी, उस समय उसके आसपास कौन-कौन मौजूद था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यौन हिंसा की आशंका मजबूत
छात्रा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है। वहीं, फॉरेंसिक की बायोलॉजिकल रिपोर्ट में छात्रा के अंत:वस्त्र से मानव स्पर्म मिलने की पुष्टि के बाद यौन हिंसा की आशंका और प्रबल हो गई है। इसके बाद एसआईटी ने डीएनए सैंपल संग्रह की प्रक्रिया तेज कर दी।
फिलहाल मामले में एम्स द्वारा दी जा रही सेकेंड ओपिनियन रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

