पहले संविधान की शपथ, फिर तिरंगे की छाया में राष्ट्रगीत की गूंज से गुलजार हुआ गणतंत्र दिवस…

पहले संविधान की शपथ, फिर तिरंगे की छाया में राष्ट्रगीत की गूंज से गुलजार हुआ गणतंत्र दिवस…

जामताड़ा(JAMTADA): “ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी…”
संविधान की मर्यादा और राष्ट्रभक्ति की संगीतमय चेतना के बीच सृजन पब्लिक स्कूल, पाल बगान, मीहिजाम में 77वाँ गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया।

विद्यालय की अध्यक्षा श्रीमती सविता तिवारी के कर-कमलों द्वारा तिरंगे का ध्वजारोहण किया गया। ध्वज के आरोहण के साथ ही राष्ट्रगान की गूंज ने वातावरण को देशभक्ति की अलौकिक अनुभूति से भर दिया—मानो “वंदे मातरम्” की स्वर-लहरियाँ संविधान की आत्मा से संवाद कर रही हों।

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य एवं ओजस्वी भाषणों के माध्यम से भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और संविधान की मूल भावना को जीवंत कर दिया। मंच से गूंजते सुर “सारे जहाँ से अच्छा, हिंदोस्ताँ हमारा” जैसे अमर राष्ट्रगीतों की याद दिलाते रहे, जिनमें देशप्रेम केवल भाव नहीं, बल्कि कर्तव्य बनकर उभरता है। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।

अपने प्रेरक संबोधन में विद्यालय की अध्यक्षा श्रीमती सविता तिवारी ने संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि संविधान की मर्यादा की रक्षा करने और एक सजग, जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प दिवस है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय परिवार ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सतत प्रगति के लिए सामूहिक संकल्प लिया। “जन-गण-मन” की भावना के साथ यह संदेश स्पष्ट था कि शिक्षा, संस्कार और संविधान—तीनों के समन्वय से ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है।

NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

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