रांची(JHARKHAND): झारखंड में सक्रिय बच्चा चोरों के एक बड़े और संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। रांची के धुर्वा इलाके से अंश और अंशिका के अपहरण कांड के बाद गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 12 अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद किया है। इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
तीन राज्यों तक फैला था नेटवर्क
एसआईटी द्वारा बरामद 12 बच्चों में
6 बच्चे झारखंड,
5 पश्चिम बंगाल,
और 1 बच्चा बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला है।
इन बच्चों की उम्र 4 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क झारखंड तक सीमित नहीं था, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ था।
गैंग का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, विरोधी खेरवार इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसके साथ उसकी पत्नी चांदनी देवी, आशिक गोप और उसकी पत्नी बेबी देवी, उपैया खेरवार और उसकी पत्नी सोनिया देवी समेत कई अन्य लोग इस बाल तस्करी नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में 8 पुरुष और 5 महिलाएं शामिल हैं।
गरीब और असहाय बच्चों को बनाते थे निशाना
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि आरोपियों ने 12 बच्चों के अपहरण की बात स्वीकार की है। यह गिरोह गरीब और असहाय परिवारों के बच्चों को निशाना बनाता था। पहले बच्चों और उनके परिवारों की रेकी की जाती थी, फिर खाने-पीने या घुमाने का लालच देकर बच्चों को अपने साथ ले जाया जाता था।
बच्चों की बिक्री की भी पुष्टि
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि कुछ बच्चों को बिहार के औरंगाबाद और पश्चिम बंगाल में बेच दिया गया था। पुलिस को आशंका है कि कई अन्य बच्चों को भी दूसरे राज्यों में भेजा गया हो सकता है। अन्य लापता बच्चों का सत्यापन कराया जा रहा है।
कई जिलों से हुई बरामदगी
आरोपियों की निशानदेही पर रांची के सिल्ली, रामगढ़ के कोठार और लातेहार के बारियातू इलाके से बच्चों को बरामद किया गया है। पुलिस को छत्तीसगढ़ तक नेटवर्क फैले होने के संकेत भी मिले हैं।
मुख्यमंत्री और डीजीपी की निगरानी में SIT
यह एसआईटी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और एडीजी सह रांची प्रक्षेत्र आईजी मनोज कौशिक के निर्देश पर काम कर रही है। टीम का नेतृत्व ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर कर रहे हैं। इसमें सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
14 जनवरी से शुरू हुई कार्रवाई
इस मामले में पहली बड़ी सफलता 14 जनवरी को मिली थी, जब नभ खेरवार और उसकी पत्नी सोनी कुमारी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद लगातार छापेमारी कर एक-एक कर गिरोह के सदस्यों को पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
जवरोधी खेरवार उर्फ अनुराग, चांदनी देवी, एंथोनी खरवार, प्रमोद कुमार, आशिक गोप, बेबी देवी, राज स्वानी, सीता देवी, विनु भुइयां, संन्यासी खेरवार, मालिन देवी, उपैया खेरवार और सोनिया देवी।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि या लापता बच्चों से जुड़ी कोई जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई लगातार जारी है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

