बिहार(BIHAR): बिहार विधानसभा के बाद महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के संकेत क्या हैं? मजबूत संकेत है कि असदुद्दीन ओवैशी निरंतर मजबूत होंगे. संकेत है कि वे मुसलमानों के योगी बनने की राह पर हैं. संकेत है कि पाकिस्तान को गरियाकर वे कुछ प्रतिशत हिंदू वोट भी हासिल कर लेंगे.
- महाराष्ट्र में 29 नगरनिगमों के चुनाव में AIMIM को सवा सौ सीटें मिली हैं. सबसे मजबूत उपस्थिति संभाजीनगर (औरंगाबाद ) नगर निगम में रही. मुंबई में भी आठ पार्षद चुने गए. कुल सवा सौ पार्षदों में से कुछ हिंदू भी हैं.
- बिहार में जिन सीटों पर तीस फीसदी से ज्यादा मुस्लिम वोटर थे/हैं, वहां मुस्लिम वोटरों की पसंद AIMIM थी. वहां राष्ट्रीय जनता दल या कांग्रेस दूसरी पसंद रही. यही कारण है कि पांच सीटों पर AIMIM कामयाब रही.
- लगभग यही ट्रेंड महाराष्ट्र में दिखा. इस ट्रेंड के कारण पहली बार एशिया की सबसे धनी नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा हो गया. मुंबई नगर निगम का बजट अस्सी हजार करोड है. यह भारत के पांच-छह राज्यों के बजट से ज्यादा है.
- अब मुद्दे पर आइए. AIMIM के उभार या कहिए मुस्लिम वोटों के ट्रेंड से एक राज्य वाली पार्टियों पर संकट आ गया है. इनके अस्तित्व पर ही संकट है. बिना मुस्लिम वोटों के बिहार में राजद मधेपुरा, मनेर, हसनपुर जैसी दस- बारह सीटों पर सिमट जाएगी. 25 पर तो आ चुकी है.
- यानी राजद के साथ ही सपा, टीएमसी, झामुमो, DMK जैसी कुछ और पार्टियां फसेंगी. इसलिए कि इनका बेस वोट मुस्लिम हैं.
- वामपंथी भी केरल तक सिमट चुके. यानी एक राज्य से बाहर वाली यानी राष्ट्रीय पार्टी सिर्फ तीन बचेंगी.
- अनेक राज्यों में बीजेपी को 50 फीसदी वोट मिले हैं. मोटे तौर पर देश के चालीस फीसदी हिंदू बीजेपी के साथ हैं. आगामी 25-30 साल में यानी इस पीढी में बडा परिवर्तन के आसार कम हैं. यानी बीजेपी मजबूत बनी रहेगी.
- कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है. अभी खत्म नहीं होगी. तीसरी मजबूत ताकत AIMIM होगी. संभव है पांच साल बाद यही तीन पार्टियां राष्ट्रीय पार्टी हो. अभी तो कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी,आप, सीपीएम, नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) राष्ट्रीय दल हैं.
- निष्कर्ष यह कि अनेक क्षेत्रीय दल, जो एक परिवार की जेबी पार्टी है उसका काल बनकर AIMIM सामने आया है. आप सहमत हैं?
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

