असम(ASSAM): असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य के वित्तीय प्रबंधन को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि असम देश का सबसे बेहतर तरीके से प्रबंधित और सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है, जिसकी पुष्टि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने खुद की है।
राज्य के कर्ज और वित्तीय स्थिति पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम का वित्तीय अनुशासन सभी निर्धारित मानकों के भीतर है और सरकार नियमों का सख्ती से पालन कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की वित्तीय सेहत पूरी तरह संतुलित और नियंत्रण में है।
सरमा ने कहा कि असम सरकार ने कर्ज लेने के लिए पारदर्शी और नियम-आधारित नीति अपनाई है, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या वित्तीय कुप्रबंधन की गुंजाइश नहीं रहती। उनके अनुसार, सरकार के सभी निर्णय तय प्रक्रियाओं और संस्थागत मानकों के अनुरूप हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष के दावे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने सवाल किया, “अगर हमने कुछ गलत किया होता, तो क्या भारतीय रिजर्व बैंक हमें इसकी मंजूरी देता?”
कांग्रेस शासित राज्यों का जिक्र करते हुए सरमा ने कर्नाटक का उदाहरण दिया और कहा कि वहां 92,000 करोड़ रुपये का कर्ज जमा हो चुका है, जो सार्वजनिक वित्त के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल का लेखा-जोखा देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मीडिया के एक वर्ग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ रिपोर्टें आधिकारिक आंकड़ों के विपरीत असम की वित्तीय स्थिति पर संदेह जताती हैं। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने वित्तीय विकास और प्रगति के मामले में असम को शीर्ष राज्यों में शामिल किया है।
सरमा ने कहा कि अब जनता को तय करना है कि भारतीय रिजर्व बैंक जैसे संवैधानिक संस्थान पर भरोसा किया जाए या फिर चुनिंदा मीडिया रिपोर्टों पर। उन्होंने दोहराया कि असम का वित्तीय शासन मजबूत संस्थागत निगरानी और डेटा-आधारित मूल्यांकन पर आधारित है।
NEWSANP के लिए असम से ब्यूरो रिपोर्ट

