गुजरात(GUJRAT): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास में महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक ने सोमनाथ मंदिर पर हमले किए, लेकिन वे यह भूल गए थे कि सोमनाथ के नाम में ‘सोम’ यानी अमृत निहित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब-जब सोमनाथ को नष्ट करने का प्रयास किया गया, तब-तब यह मंदिर और अधिक स्वाभिमान के साथ खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि मजहबी आतंक फैलाने वाले लोग आज इतिहास के पन्नों में सिमट गए हैं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज भी गौरव और आस्था का प्रतीक बनकर खड़ा है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सोमनाथ मंदिर को भारत की आस्था, संस्कृति और आत्मसम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह मंदिर देश की सनातन परंपरा और उसकी अक्षय शक्ति का प्रमाण है।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

