मिहिजाम(JAMTADA):मतदान नहीं तो विकास नहीं”,जिसकी लाठी उसकी भैंस, बैलेट से नहीं चलेगा शासन”,
और देशी लोकगीत — “वोट हमारा हक है भैया, इसे टालना पाप है” — की मनमोहक मधुर ध्वनि के साथ मिहिजाम स्टेशन चौक भाजपा का धरना संपन्न हुआ। राज्य सरकार द्वारा नगर निकाय चुनाव में देरी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने जिलाध्यक्ष सुमित शरण के नेतृत्व में एकदिवसीय धरना दिया।
इसका उद्देश्य केवल विरोध नहीं, बल्कि आम जनता को चुनाव के महत्व, लोकतंत्र के आदर्श और जनप्रतिनिधित्व की ताकत को लोकभाषा, नारे और मुहावरों के माध्यम से समझाना था। राजा वही जो जनता चुने” और बिना चुनाव के अफसर राजा, यही भ्रष्टाचार का बाजा” जैसे नारों ने चौक को गूंजायमान कर दिया।
गठबंधन सरकार पर तीखा हमला
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटूल ने कहा कि झारखंड में गठबंधन की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे राज्य में भ्रष्टाचार बेलगाम है और अधिकारियों को खुली छूट दी गई है।
उन्होंने कहा, “जब जनप्रतिनिधि नहीं होते, तो अफसर बेलगाम हो जाते हैं। नगर निकाय चुनाव टालकर सरकार ने लोकतंत्र की जड़ों पर कुठाराघात किया है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर नगर निकाय चुनाव नहीं करा रही। क्योंकि अधिकांश निकाय क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी का जनाधार मजबूत है। हार के डर से चुनाव टालना, लोकतंत्र का अपमान है,” उन्होंने कहा।
तीन सूत्री मांग पर अडिग भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने कहा कि भाजपा की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—
- नगर निकाय चुनाव की तिथि तत्काल घोषित की जाए,
- चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं,
- मतदान EVM से कराया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है। “जब सत्ता के लोग अपराधियों को परोक्ष समर्थन देते हैं, तो आग में घी डालने’ जैसा काम होता है,” उन्होंने कहा कि निर्दलीय चुनाव पैसे का खेल बन जाते हैं। जबकि दलीय आधार पर चुनाव से जनता को विचारधारा और विकास चुनने का मौका मिलता है।
EVM ही लोकतंत्र की ढाल
मिहिजाम नगर परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष कमल गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार बैलेट पेपर से चुनाव कराकर मनचाहा परिणाम चाहती है। जहां EVM, वहां भरोसा; जहां बैलेट, वहां शक,” कहते हुए उन्होंने EVM से ही चुनाव कराने की मांग दोहराई।
चुनाव टालना जनता के अधिकारों का हनन
कार्यक्रम प्रभारी राय ने कहा कि सरकार चुनाव कराने के मूड में नहीं है और बार-बार तारीख टाली जा रही है। इससे नगर पंचायतों में अफसरशाही हावी है।
भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मनीष दुबे ने कहा कि सरकार जानती है कि नगर निकायों में भाजपा मजबूत है, इसलिए चुनाव से भाग रही है।
पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष बालमुकुंद दास और पूर्व जैक पार्षद बिनोद मंडल ने कहा कि प्रतिनिधि नहीं होने से विकास कार्य ठप हैं और जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिना सरपंच का गांव जैसे, बिना प्रतिनिधि का शहर वैसे,” कहकर उन्होंने स्थिति का वर्णन किया।
लोकतंत्र का लोकपाठ
महाधरने में लोकभाषा का प्रभाव साफ दिखा—
वोट से सरकार, सरकार से विकास”
और चुनाव टले तो हक जले” जैसे नारों ने आम लोगों को जोड़ने का काम किया।
मंच संचालन परिचय मंडल ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन लोकेश महतो ने दिया।
कार्यक्रम में जिला महामंत्री मितेश शाह, कमलेश मंडल, बबिता झा, सुनील हांसदा, मोहन शर्मा, पुष्पा सोरेन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धरना इस संदेश के साथ समाप्त हुआ कि लोकतंत्र में चुनाव आत्मा है—और आत्मा को कैद कर कोई भी सरकार ज्यादा दिन नहीं चल सकती।
NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

