
धनबाद(DHANBAD): धनबाद रेलवे स्टेशन की थ्रू लेन इन दिनों यात्रियों की सुविधा के बजाय अवैध वसूली का अड्डा बन चुकी है.
रिश्तेदारों या मित्रों को छोड़ने–लेने आने वाले कार चालकों से टिकट के नाम पर खुलेआम उगाही की जा रही है, जबकि रेलवे अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं, हालात ऐसे हैं कि रोजाना वाहन चालकों और टिकट एजेंटों के बीच नोकझोंक आम बात हो गई है.
मंगलवार की सुबह इस अवैध वसूली का एक और मामला सामने आया, जहां बरवाअड्डा निवासी दीपक कुमार मंडल अपने 17 वर्षीय पुत्र कुणाल मंडल को लेकर अपने पड़ोसी की कार से धनबाद स्टेशन पहुंचे थे वह अल्पुजा एक्सप्रेस से चेन्नई जा रहे थे.
इस दौरान कार चालक जब थ्रू लेन से बाहर निकल रहा था, तभी टिकट एजेंट ने कार चालक को रोक लिया और जबरन पैसे की मांग करने लगा,कार चालक ने स्पष्ट रूप से नियम बताया कि थ्रू लेन में आठ मिनट से कम समय तक पिकअप या ड्रॉप करने पर किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता,पूछे जाने पर उसने अपना नाम मिराज बताया.
बावजूद टिकट एजेंट नियमों को रौंदते हुए मनमानी पर उतर आया और टिकट में लिखकर दे दिया कि “सवारी छोड़ने का शुल्क देना होगा.” इसके बाद कार चालक से जबरन 30 रुपये की वसूली कर ली गई.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रेलवे के लिखित नियमों के अनुसार आठ मिनट तक वाहन खड़ा करने पर कोई चार्ज नहीं लगता, फिर भी स्टेशन परिसर में खुलेआम अवैध वसूली जारी है,सवाल यह है कि यह उगाही किसके संरक्षण में हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी क्यों साधे हुए हैं ?.
पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत रेलवे के संबंधित अधिकारियों से की है। वहीं, इस गंभीर मामले पर पक्ष जानने के लिए धनबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अखिलेश पांडेय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस अवैध वसूली पर कब कार्रवाई करता है या फिर थ्रू लेन यूं ही उगाही लेन बनी रहेगी.
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

