जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): 30 दिसंबर,2025 को मानगो, गोकुल नगर बस्ती (जमशेदपुर) निवासी अजीत महतो जी की मृत्यु पुलिस कस्टडी में हो गई। इस मामले में आनन-फानन में एक यू.डी. केस दर्ज कर मृतक के परिजनों को ₹2 लाख की राशि दे दी गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी जल्दबाज़ी में मृतक के परिजनों को ₹2 लाख किस आधार पर और किस प्रक्रिया के तहत दिए गए?
दूसरा गंभीर प्रश्न यह है कि गिरफ्तारी के बाद पूरे दो दिनों तक परिजनों को श्री अजीत महतो से मिलने क्यों नहीं दिया गया?
इसी बीच मृतक की पत्नी, जो गर्भवती थी, ने एक बच्ची को जन्म दिया। वह नवजात बच्ची जन्म लेते ही अपने पिता का साया खो बैठी। क्या इस दुखद और अमानवीय घटना की कीमत मात्र ₹2 लाख है? यह मुआवज़ा है या घूस?
राज्य में महिला डी.जी.पी. पद पर हैं। ऐसे में उस बेवा महिला और उसकी नवजात बच्ची को न्याय कैसे मिलेगा? एक गरीब महतो परिवार पूरी तरह उजड़ गया। उस परिवार में कमाने-खिलाने वाला एकमात्र सहारा वही था। आख़िर इस राज्य में क्या हो रहा है?
आज पीड़ित परिवार से मिलने जाऊंगा।
NEWSANP के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

