धनबाद(SINDRI):आज दिनांक 31 तारीख को संग्राम समिति कार्यालय में आयोजित जोरदार प्रेस वार्ता में संग्राम समिति के नेता कौशल सिंह ने दो टूक शब्दों में ऐलान किया कि डोमगढ़ किसी भी कीमत पर खाली नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई अब आर-पार की है और 18 तारीख को होने वाली आम सभा डोमगढ़ के भविष्य का फैसला करेगी।
कौशल सिंह ने कहा कि डोमगढ़ की जमीन हमारे पूर्वजों की विरासत है और इसे छीनने की किसी भी साजिश को जनता कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दमन और जबरन बेदखली की कोशिश की गई, तो डोमगढ़ की जनता सड़कों पर उतरकर संघर्ष को और तेज करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे डोमगढ़ की अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई है। जनता अब जाग चुकी है और अपने हक के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेगी।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण जरूर है, लेकिन कमजोर नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डोमगढ़ को उजाड़ने की किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने गांव-गांव जाकर जनता को एकजुट करने और 18 तारीख की आम सभा को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।
प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में संग्राम समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकारी मौजूद रहे। इस दौरान
कौशल सिंह, मोहम्मद हकीम, अरुण कुमार शर्मा, विजय कुमार सिंह, सोनू सिंह, वीरेंद्र कुमार, रमेश कुमार ओझा, श्रवण कुमार, सुरेंद्र कुमार पांडे, शंभू नाथ, निमाई रवानी, बच्चा सिंह, सुभाष बेहरा, अशोक कुमार श्रीवास्तव, रामबाबू सिंह, परमेश्वर सिंह, अवध सिंह, विवेक शर्मा, नरेंद्र तिवारी, राजेश कुमार, अरविंद कुमार, राजू शर्मा, कमलेश, दिनेश यादव, राहुल सिंह और मनोज सहित कई आंदोलनकारी शामिल रहे।
अंत में संग्राम समिति ने एक स्वर में नारा बुलंद किया—
“डोमगढ़ खाली नहीं होगा!”
“जनता एक है, संघर्ष अडिग है!”
और कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन रुकेगा नहीं।
NEWSANP के लिए भोला बाउरी की रिपोर्ट

