मंत्री जी, मुझे बचा लीजिए…” — गोली से घायल अमन बर्मन से मिलने दुर्गापुर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी…

मंत्री जी, मुझे बचा लीजिए…” — गोली से घायल अमन बर्मन से मिलने दुर्गापुर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी…

दिल्ली प्रवास छोड़ अस्पताल पहुंचे मंत्री, भावुक मुलाकात ने नम कर दीं आंखें

जामताड़ा(JAMTADA): जामताड़ा के एक आभूषण व्यवसायी की दुकान में हुई सनसनीखेज डकैती के दौरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल युवक अमन बर्मन के जीवन संघर्ष में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी आज एक मजबूत संबल बनकर सामने आए। दिल्ली का अपना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर और बीते चार दिनों से जामताड़ा में डटे मंत्री आज स्वयं मिशन हॉस्पिटल, दुर्गापुर पहुंचे, जहां उन्होंने घायल अमन से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना।

मंत्री को देखते ही अमन बर्मन भावुक हो उठा। कांपते हाथों से मंत्री का हाथ थामते हुए उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वह भर्राई आवाज में बोला—
“मंत्री जी, मुझे बचा लीजिए…”
यह दृश्य इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद डॉक्टरों, परिजनों और अस्पताल कर्मियों की आंखें भी नम हो गईं।

डॉ. इरफान अंसारी ने घायल का हाथ मजबूती से थामते हुए उसे ढांढस बंधाया और कहा—
“घबराने की कोई जरूरत नहीं है बेटा, मैं तुम्हारे साथ हूं। हिम्मत रखो, सब ठीक होगा।”
मंत्री के आश्वासन के बाद अमन के चेहरे पर भय की जगह उम्मीद और विश्वास साफ नजर आने लगा।

इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों की पूरी टीम के साथ लंबी बैठक की। उन्होंने अमन की मेडिकल रिपोर्ट, इलाज की प्रक्रिया और आगे की उपचार योजना की विस्तार से जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिया कि इलाज में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

अमन के पिता अजित बर्मन और परिजनों ने भावुक होकर मंत्री से कहा—
“मंत्री जी, हमारे अमन को बचा लीजिए।”
इस पर मंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा—
“चिंता मत कीजिए, मेरे रहते किसी की जान जाने नहीं दी जाएगी। अपने राज्य और क्षेत्र के हर व्यक्ति के सुख-दुख में मैं साथ खड़ा हूं। पीड़ितों की सेवा ही मेरे जीवन का उद्देश्य है।”

फिलहाल डॉक्टरों के अनुसार अमन बर्मन की स्थिति खतरे से बाहर है, हालांकि पैर के निचले हिस्से में मूवमेंट न होना अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। चिकित्सकों ने बताया कि विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट अगले दिन स्वास्थ्य मंत्री को सौंपी जाएगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बेहतर इलाज के लिए अमन को बाहर ले जाने की आवश्यकता पड़ी, तो राज्य सरकार हर संभव व्यवस्था करेगी

अस्पताल में मौजूद लोगों और परिजनों का कहना है कि आज भी उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि एक मंत्री स्वयं अस्पताल पहुंचकर घायल युवक से परिवार के सदस्य की तरह मिला, इलाज की हर बारीकी पर नजर रखी और हर स्तर पर सहयोग का भरोसा दिलाया।

स्थानीय लोगों ने एक स्वर में कहा कि डॉ. इरफान अंसारी सिर्फ मंत्री नहीं, बल्कि गरीब, कमजोर और पीड़ितों के लिए उम्मीद का नाम हैं। आज वह केवल एक संवैधानिक पद पर बैठे नेता नहीं, बल्कि संवेदनशील इंसान और पीड़ित परिवार के लिए आशा की किरण बनकर सामने आए हैं।
विश्वास, संवेदना और सेवा—यही है झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहचान।

NEWSANP के लिए आर पी सिंह की रिपोर्ट

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