धनबाद(DHANBAD):बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) के दूसरे दीक्षांत समारोह में शिक्षा और उत्कृष्टता की एक प्रेरक कहानी सामने आई, जिसने पूरे समारोह को गौरवान्वित कर दिया। एक ही परिवार की तीन सगी बहनों ने अलग-अलग सत्रों और विषयों में टॉपर एवं बेस्ट ग्रेजुएट बनकर चार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक इतिहास में दर्ज हुई, बल्कि ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ अभियान की सशक्त मिसाल भी बन गई।
विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार द्वारा कुल 220 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें माता प्रेमशीला (गृहिणी) और पिता कल्याण नारायण पाठक (शिक्षक) की तीनों बेटियां भी शामिल हैं, जिन्हें गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।
सबसे बड़ी बहन केतकी ने PG Mass Communication (सत्र 2020–22) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बेस्ट पोस्ट ग्रेजुएट का सम्मान प्राप्त किया और विषय में टॉप कर विश्वविद्यालय में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।
मंझली बहन मल्लिका ने PG Management Studies (सत्र 2020–22) में बेहतरीन प्रदर्शन कर परिवार की शैक्षणिक परंपरा को और मजबूती दी।
वहीं छोटी बहन जूही कुमारी ने UG Botany (सत्र 2018–21) में टॉपर बनकर अपनी मेधा का परिचय दिया। इसके बाद उन्होंने PG Mass Communication (सत्र 2021–23) में भी शानदार उपलब्धि हासिल कर निरंतर सफलता की मिसाल पेश की।
गौरतलब है कि यह सफलता अचानक नहीं, बल्कि वर्षों की साधना, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। इससे पहले विनोबा भावे विश्वविद्यालय में भी इस परिवार ने शैक्षणिक उत्कृष्टता की छाप छोड़ी थी। केतकी ने UG Botany Hons (2012–15) में टॉप किया था, जबकि PG (2015–17) में बेस्ट पोस्ट ग्रेजुएट बनने के साथ-साथ बॉटनी टॉपर रहीं। वहीं मल्लिका ने PG Commerce (2016–18) में टॉप कर परिवार की शैक्षणिक विरासत को नई ऊँचाई दी।
इस असाधारण सफलता के पीछे परिवार के मजबूत संस्कार और शिक्षा के प्रति अटूट विश्वास रहा है। पिता कल्याण नारायण पाठक ने बेटियों में अनुशासन और अध्ययनशीलता का बीज बोया, जबकि मां प्रेमशीला ने निरंतर मार्गदर्शन और संबल देकर हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। बेटियों ने भी अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता के त्याग, प्रेरणा और विश्वास को दिया।
BBMKU के दूसरे दीक्षांत समारोह में एक ही परिवार को एक साथ चार गोल्ड मेडल मिलना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। यह कहानी स्पष्ट संदेश देती है कि जब बेटियों को अवसर, समर्थन और शिक्षा मिलती है, तो वे इतिहास रचती हैं—और यही समाज के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची पहचान है।
NEWSANP के लिए धनबाद से कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट

