झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने केन्द्रीय कोयला मंत्री को झरिया अग्नि प्रभावितों की समस्याओं को लेकर लिखा पत्र…

झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने केन्द्रीय कोयला मंत्री को झरिया अग्नि प्रभावितों की समस्याओं को लेकर लिखा पत्र…

धनबाद(DHANBAD): केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी जी ,आपके धनबाद आगमन पर झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति आपका स्वागत करती है। झरिया कोलफील्ड की 10 लाख से अधिक आबादी (दो लाख से अधिक परिवार) दशकों से भूमिगत आग, भूधसान, गैस रिसाव, पर्यावरण प्रदूषण और उचित विस्थापन की बाट जोह रही है। झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति(JCBS) इस संदर्भ में लगातार इस क्षेत्र की मांगें केंद्र, राज्य, जिला प्रशासन और JRDA के समक्ष प्रस्तुत कर रही है, अभी वर्तमान में केंदुआ में हुई गैस रिसाव की घटना के पश्चात JCBS की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में स्थानीय रैयतों और गैर रैयतों से चर्चा की। इस इस संदर्भ में चर्चा के पश्चात निम्न मांगों को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।

1) धनबाद जिले की झरिया, कतरास, केंदुआ, करकेंद इत्यादि काफी पुराने और एतिहासिक महत्व के क्षेत्र हैं, इन क्षेत्रों के लोगों के लिए चंडीगढ़ जैसी सम्पूर्ण सुविधा सहित शहर का निर्माण हो अथवा 3-4 छोटे छोटे SATELLITE TOWNSHIP का निर्माण किया जाए। इससे ना सिर्फ इस क्षेत्र के आमजन का जीवन अच्छा होगा अपितु निर्बाध कोयले का उत्पादन भी हो सकेगा।
2) यदि किसी क्षेत्र में विस्थापन बेहद आवश्यक हो तो प्रभावित क्षेत्र के पास बंद पड़ी खुली खदानों का समतलीकरण कर उसी क्षेत्र में बसाने की पहल हो, इससे जान माल का नुकसान नहीं होगा और स्थानीय वाशिंदों को क्षेत्र से दूर भी नहीं जाना पड़ेगा।
3) July 2025 में लागू हुए Revised Jharia Master Plan का प्रभावित परिवारों का पुनः सर्वे किया जाए और Cut of Date 2025 रखा जाए। गैर रैयतों की श्रेणी में दुकानदार, भाड़ेदार, को भी शामिल किया जाए।
4) इस क्षेत्र के रैयतों के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया जाए, जिससे माननीय न्यायालय में लंबित वादों की सुनवाई और निस्पदन त्वरित हो सके। आपको ज्ञात हो कि कोल बेयरिंग क्षेत्र में हजारों मुकदमे लंबित है।
5) वैसे रजिस्टर्ड डीड होल्डर जिनकी जमीन के रजिस्ट्री 1971 से पहले तथा जिन्होंने ना तो एग्रीमेंट किया ना ही मुआवजा पाया वैसे रैयतों को वर्तमान दर से LAAR Act 2013 के तहत मुआवजा दिया जाय।
6) वर्तमान में Revised Jharia Master Plan के अंतर्गत रैयत और गैर रैयत की योजना निम्न है और इस संदर्भ में हमारी मांग है।
Type of Assistance For LTH For Non-LTH
A Compensation Compensation for Land and Assets + 50 Sq. Mtr house or 5 Lakh Cash 38.92 Sq. Mtr house (each family will be allotted two units) or 5 Lakh Cash
B Livelihood Grant Rs. 1 Lakh Rs. 1 Lakh
C Rental Assistance Rs. 1 Lakh Rs. 1 Lakh
D Cost of Shifting Rs. 50,000 Rs. 50,000
E Loan Assiastance Rs. 3 Lakh Rs. 3 Lakh Loan
Our Demand For LTH Required Judicial Commission for Land Dispute Settlement For Non-LTH PM Awas Yojna & Other Central and State Govt Scheme 10 Lakh against Mudra Yojna

7) गैर रैयतों के लिए योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य केंद्र अथवा राज्य सरकार की योजनाओं को लागू किया जाए इसके अतिरिक्त रोजगार के जरूरतमंदों को मुद्रा योजना से 10 लाख तक की ऋण की व्यवस्था किए जाने से स्वरोजगार में वृद्धि होगी और आदरणीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकेगा।
हमें आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि उपरोक्त सुधारात्मक कदमों से इस क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

NEWSANP के लिए धनबाद से रागिनी और अरविंद सिंह बुंदेला के साथ ब्यूरो रिपोर्ट

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