झरिया(JHARIA): “झरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित मातृ सदन हॉस्पिटल मे प्रसाव के दौरान महिला की हुई मौत, पीड़ित परिवारों ने डॉक्टरों व सहयोगी नर्सो के उपर लगाया डिलीवरी के दौरान लापरवाही का आरोप, पीड़ित परिवार ने घटना को लेकर डॉक्टर से मिलने के लिए किया घंटो हाई वोल्टेज ड्रामा, घटना के बाद हॉस्पिटल मे डॉक्टर, नर्स रहे नदारद ..पीड़ित परिवार ने लगाया आरोप… “
ये आरोप कोई नया नहीं है…बल्कि झरिया का मातृसदन इन दिनों अपनी कार गुजरियो के कारण अखबार और चेनल की सुर्खियां बटोर रहा है…आम तौर पर कोई प्रसव पीड़ित महिला किसी भरोसे के साथ अस्पताल में इसलिए पहुंचती है कि उसे समुचित इलाज के साथ सुरक्षित तरीके से बच्चे को जन्म दे सके..लेकिन झरिया का मातृसदन अस्पताल कमाई का अड्डा बन चुका है…मरीज के जीने मरने से उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता है…
प्रसव पीड़ित महिला की तड़प तड़प कर हुई मौत…बच्चा भगवान भरोसे बचा, जच्चा दुनिया से चल बसी… इलाज़ में किस कदर लापरवाही बरती उसकी आंखों देखा बानगी मृतक के परिजनों से जानिए…
मृतक सोनाली के पति राम कुमार मोदक ने रोते बिलखते हुए बताया कि “मै अपनी पत्नी 28 वर्षीय सोनाली देवी को पूरी तरह स्वाथ्य रूप मे बलियापुर थाना अंतर्गत खासपरघा बस्ती से लेकर आये थे डिलीवरी कराने के लिए शनिवार को मातृ सदन हॉस्पिटल मे भर्ती किया, उस वक्त डॉ ने बताया एक दो घंटे मे बच्चा डिलीवरी हो जायेगा, लगभग 7 बजे शाम को बच्चा डलेवरी होने के बाद भी डॉक्टर ने हमें और हमारे परिवार को ना तो बच्चा दिखाया और ना ही प्रसूति महिला से मिलाया ,… हमलोग को 08 बजे रात्रि मे नर्स आकर कहती है आपका पेसेंट का रक्त रिसाव रुक नहीं रहा है, पेसेंट को बेहतर ईलाज की जरूरत है, इसलिए इसको बीस मिनट के अंदर अगर किसी हॉस्पिटल मे भर्ती नहीं किया गया तो कुछ भी हो सकता है, ..हमलोगों ने डॉक्टर के आदेशानुसार चक्रवर्ती नर्सिंग होम लेकर गए, वहां डॉक्टर नहीं मिलने के कारण आनन- फानन मे पाटलिपुत्र हॉस्पिटल जोड़ाफाटक ले गए वहां डॉक्टर देखते ही बताया की पेसेंट का मौत एक घंटा पहले ही हो गई .. इसका अब क्या ईलाज करें,…बिल्कुल “गब्बर इज बैक”फिल्म की तरह मेरी मृत पत्नी का इलाज के नाम पर मातृ सदन ने मेरे साथ धोखा किया…
एक बार फिर हमलोग मृत शरीर को लेकर मातृ सदन हॉस्पिटल पहुंचे तो हॉस्पिटल मे सारे डॉक्टर नर्स गायब हो गए.., हमारी पत्नी सोनाली की मौत का कारण बताने के लिए डॉक्टर और नर्स कोई मौजूद नहीं था… अगर इनलोगों की गलती नहीं तो हॉस्पिटल छोड़कर गायब कियों हो गए..
इनलोगों बताया था की पेसेंट सीरियस है जबकि पेसेंट का एक घंटा पहले ही मौत हो चुकी थी , फिर मुझे अंधेरे में रखकर “मुर्दा” का इलाज चल रहा था..मै जिला प्रशासन ,पुलिस प्रशासन और सिविल सर्जन से मांग करूँगा की इस घटना मे जो दोषी है उस पर हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाय, हॉस्पिटल मे अगर कोई भी पेसेंट भर्ती होता है तो उसे नर्स, सफाई कर्मी जर्सी गायों की तरह दोहन करते है, इसका पहले भी इस तरह की घटना घट चुकी है, अब मै क्या करूं ..कैसे तीन तीन बच्चे का पालन पोषण करेंगे, दो बच्ची पहले है 09 वर्ष की बेटी साक्षी कुमारी और 05 वर्ष की बेटी सृष्टि कुमारी .. घर जाने पर बच्चे पूछेंगे पापा मम्मी कब आएगी तो क्या कहकर समझायेंगे ..कहते हुए मृतक के पति रामकुमार मोदक दहाड़ मार मार कर रो रहे है…
इधर 12 घंटे बीत जाने के बाद भी खबर लिखें जाने तक पीड़ित परिवार मातृसदन हॉस्पिटल परिसर मे शव रखकर हॉस्पिटल प्रबंधन से मिलने के लिए गुहार लगाते दिखे…इस घटना से निजी अस्पताल की मनमानी और जल्लादों की तरफ मरीज के साथ किया गया व्यवहार समाज के लिए बड़ा चिंता का सबब बन गया है… हालांकि सुबह के वक्त अस्पताल प्रबंधन में कोई मौजूद था, जिससे उसकी पक्ष ली जा सकें..हालांकि धनबाद की झरिया थाना की पुलिस घटना की सूचना मिलते ही रात से मामले की जांच में जुट गई है..पुलिस ने अपनी जिम्मेवारी निभाते हुए अस्पताल प्रबंधन से बात भी किया है…झरिया थाना प्रभारी शशि रंजन के अनुसार “दोनों पक्षों के बीच आज 11 बजे वार्ता होगी..पीड़ित परिजनों ने फ़िलहाल कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराया है..उनके शिकायत के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी…”
NEWS ANP के धनबाद से ब्यूरो रिपोर्ट…

