“गैस रिसाव से मौत का मामला विधानसभा में गूंजा,रागिनी सिंह ने की कठोर कार्रवाई की मांगअलर्ट पर अस्पताल, अब तक आये 18 मरीज”…

“गैस रिसाव से मौत का मामला विधानसभा में गूंजा,रागिनी सिंह ने की कठोर कार्रवाई की मांगअलर्ट पर अस्पताल, अब तक आये 18 मरीज”…

धनबाद(DHANBAD): बीसीसीएल की केंदुआडीह कोलियरी में हो रहे गैस रिसाव से दो महिलाओं की मौत के बाद मामला आज झारखंड विधानसभा में गूंज उठा है। झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो का ध्यान इस घटना पर दिलाते हुए कहा कि यह घटना इस क्षेत्र की है, जिसे बचाया जा सकता था। विधायक रागिनी सिंह ने अपने प्रश्न में कहा कि गैस रिसाव की घटना में दो महिलाओं की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों की पीड़ा को सरकार समझे और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। मौके पर उन्होंने गैस प्रभावित क्षेत्र में तैनात पदाधिकारियों से जानकारी ली और स्थिति के बारे में विधानसभा में अवगत कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस रिसाव की गंभीरता को प्रशासन ने समय पर नहीं समझा जिसके कारण यह घटना घटी। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया था। विधायक ने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को मामला तुरंत शुरू कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर
इधर केंदुआडीह गैस रिसाव मामले को लेकर कुस्तौर राजेंद्र अस्पताल पूरे अलर्ट मोड पर है, यहां भर्ती मरीजों का इलाज जारी है। जिले के प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस की मदद से एम्बुलेंस के सहारे उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, धनबाद के सिविल सर्जन डॉ. मुनफ रवी ने बताया कि केंदुआडीह गैस मामले को लेकर कुस्तौर राजेंद्र अस्पताल में अलर्ट मोड पर हैं, प्रभावित मरीजों की देखरेख के लिए डॉक्टरों की टीम तैनात किया गया है, ताकि गैस रिसाव से प्रभावित क्षेत्र से तत्काल इलाज की सुविधा मिल सके। सिविल सर्जन ने बताया कि गैस से प्रभावित अब तक 18 मरीज आ चुके हैं, जिनमें से 14 को एडमिट किया गया है, बाकी को प्राथमिक इलाज के बाद छोड़ दिया गया है। वहीं 08 गैस प्रभावित मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्हें जल्दी ही छुट्टी दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गैस से प्रभावित मरीजों में बुखार, खांसी, चक्कर आना, उल्टी जैसे लक्षण पाए गए हैं।

कठोर कार्रवाई की मांग की
उन्होंने कहा कि गैस पीड़ित परिवार अभी भी मानसिक तनाव में जी रहे हैं, इसलिए सरकार से मांग की कि घटना को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए और उन्हें उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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